छत्तीसगढ़ में चक्रवात 'अर्नब' का तांडव: कई जिलों में स्कूल बंद, कलेक्टरों को मिला बड़ा अधिकार...

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-
रायपुर: बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान 'अर्नब' का असर अब छत्तीसगढ़ के मौसम पर साफ दिखने लगा है। भारी बारिश और तेज आंधी-तूफान की आशंका के चलते राज्य के कई इलाकों में एहतियातन स्कूलों में छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं। बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए शासन ने सभी जिलाधिकारियों को स्थानीय हालात के अनुसार फैसले लेने का अधिकार दे दिया है।
इन जिलों में शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश
खराब मौसम और संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन ने त्वरित कदम उठाए हैं:
नारायणपुर: यहाँ हालात को भांपते हुए 28 और 29 अक्टूबर को दो दिनों का अवकाश रखा गया है।
बस्तर, सुकमा और कोंडागांव: इन क्षेत्रों में 28 अक्टूबर को एक दिन के लिए स्कूल बंद रखने के आदेश दिए गए।
कवर्धा: यहाँ भी 28 और 29 अक्टूबर को स्कूल बंद रहने की चर्चा है, हालांकि स्थानीय स्तर पर इसकी पुष्टि के लिए प्रशासन का ताजा बुलेटिन देखना उचित रहेगा। इसके अलावा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने बाढ़ नियंत्रण कक्ष (07741-232038) सक्रिय कर दिया है।
जिलाधिकारियों को मिले विशेष अधिकार -
राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि खराब मौसम, भारी बारिश या तेज हवाओं के मद्देनजर जिले के हालात को देखते हुए कलेक्टर अपने स्तर पर स्कूलों में छुट्टी का निर्णय ले सकते हैं। यह नियम शासकीय और गैर-शासकीय दोनों तरह के विद्यालयों पर लागू होगा। हालांकि, यह स्पष्ट किया गया है कि सरकार के आदेश से पूरे प्रदेश में एक साथ स्वतः अवकाश घोषित नहीं हुआ है, बल्कि यह पूरी तरह स्थानीय परिस्थितियों और जिला प्रशासन के आदेश पर निर्भर करेगा।
शिक्षकों के लिए क्या हैं निर्देश ?
विद्यार्थियों के लिए भले ही अवकाश घोषित किया गया हो, लेकिन अधिकांश जिलों में शिक्षकों और अन्य स्टाफ को अपने निर्धारित समय पर विद्यालय में उपस्थित रहकर प्रशासनिक कार्यों का निर्वहन करने के निर्देश दिए गए हैं। अभिभावकों से अनुरोध है कि वे अपने बच्चों को स्कूल भेजने से पहले स्थानीय जिला प्रशासन या विद्यालय प्रबंधन के आधिकारिक आदेश की पुष्टि अवश्य कर लें।
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