छत्तीसगढ़ में साइबर सुरक्षा का परचम: जांजगीर-चांपा पुलिस ने हासिल किया प्रदेश में 7वां स्थान.....

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-
जांजगीर-चांपा: जिले में डिजिटल फ्रॉड और ऑनलाइन ठगी पर लगाम कसने के लिए चलाए गए ‘सायबर जागृति’ अभियान का शानदार परिणाम सामने आया है। छत्तीसगढ़ शासन के विजन के अनुरूप, स्थानीय पुलिस महकमे ने 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक एक व्यापक जन-अभियान चलाया, जिसके बेहतरीन नतीजों के चलते जिले ने समूचे प्रदेश में सातवां स्थान हासिल किया है। इस विशेष पहल के जरिए गांव से लेकर शहर तक लगभग 32 लाख नागरिकों को ऑनलाइन सुरक्षा के प्रति सतर्क किया गया है।
गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हो चुकी है उपलब्धि -
इस महा-अभियान की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि पुलिस प्रशासन ने अनूठे प्रयासों के तहत महज एक घंटे के भीतर लाखों लोगों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुँचाया था। इस अभूतपूर्व जन-जागरूकता रिकॉर्ड को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज किया जा चुका है, जो पुलिस और आम जनता के बीच बेहतरीन तालमेल का प्रमाण है।

भागवत कथा और ग्राम पंचायतों तक पहुँची जागरूकता की अलख -
अभियान को हर वर्ग तक पहुँचाने के लिए पुलिस ने अनूठे मंचों का सहारा लिया। बम्हनीडीह क्षेत्र में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के दौरान कथा व्यास अनिरुद्ध जी महाराज के सानिध्य में लगभग 7 लाख श्रद्धालुओं को साइबर ठगी से बचने के गुर सिखाए गए। इसके साथ ही, एक ही दिन में जिले के सभी थाना और चौकी क्षेत्रों की ग्राम पंचायतों में विशेष टीमें भेजी गईं, जहाँ ग्रामीणों को फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक्स, ओटीपी फ्रॉड और डिजिटल ट्रांजैक्शन से जुड़ी सावधानियों के बारे में विस्तार से बताया गया।
रचनात्मक प्रतियोगिताओं के साथ हुआ भव्य समापन -
अभियान के अंतिम चरण को युवाओं और बच्चों के लिए बेहद रचनात्मक बनाया गया। इस दौरान स्कूलों में रंगोली, चित्रकला और मेहंदी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-लड़कियों ने बढ़-चढ़कर अपनी प्रतिभा दिखाई। बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

🛡️ पुलिस प्रशासन की खास अपील -
किसी भी अनजान या संदिग्ध लिंक पर भूलकर भी क्लिक न करें।
अपना ओटीपी, पासवर्ड या बैंक से जुड़ी कोई भी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी का शिकार होने पर तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।






.jpeg)
.jpeg)
.jpeg)
.jpg)



Comments