दुर्ग में साइबर ठगी और ऑनलाइन सट्टेबाजी का भंडाफोड़, सात गिरफ्तार...

ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-
दुर्ग जिले में पुलिस ने अवैध फाइनेंशियल नेटवर्क के खिलाफ बड़ी स्ट्राइक करते हुए सात शातिर आरोपियों को दबोच लिया है। सुपेला और खुर्सीपार थाना क्षेत्रों में हुई इस ज्वाइंट कार्रवाई के बाद इस बड़े नेटवर्क से जुड़े कुल 11 लोगों को शिकंजे में लिया जा चुका है। पुलिस ने इनके पास से चार स्मार्टफोन, एक बैंक पासबुक और तीन एटीएम कार्ड रिकवर किए हैं, जिन्हें जेल भेज दिया गया है।
जांच में यह बात सामने आई कि ये लोग कमीशन के मोटे लालच में आकर आम नागरिकों के बैंक अकाउंट्स का गलत इस्तेमाल करवा रहे थे। आर्थिक रूप से कमजोर और कम पढ़े-लिखे लोगों को पैसों का झांसा देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाए जाते थे या फिर उनके खातों की एक्सेस हासिल कर ली जाती थी। इन अकाउंट्स का इस्तेमाल साइबर फ्रॉड और अवैध सट्टे के पैसों को इधर-उधर करने के लिए किया जा रहा था।
दाऊ बाड़ा तालाब के पास पुलिस ने दो संदिग्धों—नीरज गायकवाड़ और अंशु साव—को घेराबंदी कर दबोचा। पूछताछ में खुलासा हुआ कि ये दोनों जरूरतमंद लोगों से आंध्र प्रदेश ग्रामीण बैंक के खाते बेहद कम दाम में खरीदते थे और बाद में सट्टा सिंडिकेट के गुर्गों को प्रति खाता एक लाख रुपये तक में बेच देते थे।
पकड़े गए आरोपियों में से नीरज गायकवाड़ इस अवैध नेटवर्क के लिए पैसे रोटेट करने का काम करता था। वह अलग-अलग खातों में फंड ट्रांसफर करने के वास्ते क्यूआर कोड तकनीक का इस्तेमाल करता था। अवैध ट्रांजैक्शन की इस पूरी चेन को चलाने के एवज में उसे हर महीने 25 हजार रुपये की फिक्स रकम मिलती थी। पुलिस अब इन खातों के जरिए हुए कुल वित्तीय लेनदेन की गहराई से छानबीन कर रही है।
दूसरी ओर, खुर्सीपार थाना इलाके में पुलिस ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल से मिले इनपुट्स के आधार पर इंडियन बैंक के 81 संदेहास्पद बैंक खातों की स्क्रूटनी की। इस तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने पांच अन्य आरोपियों—तरुण कुमार, गौरव साहू, जसमीत, निखिल नेताम और नरगिस बानो—को धर दबोचा। इस विशेष मामले में पहले भी चार गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जिससे इस यूनिट में पकड़े गए कुल लोगों की संख्या नौ पहुंच गई है।
तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के ठिकानों से कम्यूनिकेशन डिवाइस और बैंकिंग दस्तावेज बरामद किए हैं। नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।






.jpeg)
.jpeg)
.jpeg)
.jpg)




Comments