क्रूरता की हदें पार: छह माह की मासूम को फर्श पर पटका, हालत गंभीर...

ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-
राजधानी में पारिवारिक कलह के दौरानवानियत का एक दहलाने वाला मामला सामने आया है। यहां बीएसयूपी कॉलोनी में रहने वाले एक शख्स ने गुस्से में आकर अपनी छह महीने की दूधमुंही बच्ची को दो बार फर्श पर दे मारा। इस अमानवीय हरकत से शिशु अचेत हो गई, जिसे तुरंत अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में भर्ती कराया गया। फिलहाल नन्हीं जान का आईसीयू में इलाज जारी है। सरस्वती नगर थाने की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को धर दबोचा और सोमवार को अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया।
विवाद की जड़: मायके से लौटी पत्नी पर फूटा गुस्सा -
पुलिस को दी गई जानकारी के मुताबिक, आरोपी आशीष कावरिया और उसकी पत्नी सरगम ने लगभग नौ माह पूर्व कोर्ट मैरिज की थी। पीड़ित महिला ने बताया कि वह घटना की शाम अपने मायके से घर वापस लौटी थी। रात को जब उसका पति घर पहुंचा, तो पत्नी के मायके जाने की बात को लेकर दोनों में कहासुनी शुरू हो गई। बात इतनी बढ़ गई कि आरोपी ने गाली-गलौज करते हुए माहौल तनावपूर्ण कर दिया।
बर्बरता: देखते ही देखते मासूम पर बरपाया कहर -
मामला तब बेहद डरावना हो गया जब आधी रात के वक्त आरोपी ने अपनी पत्नी के साथ मारपीट शुरू कर दी। इसी हाथापाई के बीच उसने अपनी छह माह की बेटी को गोद से उठाकर जमीन पर पटक दिया। मां ने जब इस कृत्य का विरोध किया, तो उसने गुस्से में आकर बच्ची को एक बार फिर पटक डाला। लगातार दो बार जमीन पर गिरने से मासूम सुधबुध खो बैठी और बेजान सी हो गई। घबराई हुई मां ने तुरंत अपने रिश्तेदारों को फोन कर पूरी बात बताई।
अस्पताल में संघर्षरत है नन्हीं जिंदगी -
परिजनों के पहुंचने पर फौरन बच्ची को एम्स अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी नाज़ुक हालत को देखकर डॉक्टरों ने उसे तुरंत आईसीयू में शिफ्ट कर दिया। पुलिस ने शिकायत दर्ज करते हुए तफ्तीश शुरू की और आरोपी पिता को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
राजधानी में पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं -
दिसंबर 2025: कबीर नगर के हीरापुर इलाके में ढाई साल के मासूम की संदिग्ध मौत का मामला आया था, जिसमें सौतेले पिता पर आए दिन मारपीट करने का शक जताया गया था।
पारिवारिक रंजिश: माना क्षेत्र के डूमरतराई में आपसी कलह के चलते एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और दो मासूम बेटों पर चाकू से हमला कर उनकी जान ले ली थी।
पंडरी मामला: तरुण नगर में तीन साल के बच्चे और उसके भाई को भूखा रखने और प्रताड़ित करने का मामला सामने आया था, जिसमें प्रताड़ना के कारण एक बच्चे का हाथ तक टूट गया था।
बाल अधिकारों के जानकारों का कहना है कि जरा-सी बात पर घर के बच्चों को हिंसा का शिकार बनाना बेहद चिंताजनक और खतरनाक है। शिशुओं का शरीर बेहद नाजुक होता है, ऐसे में इस तरह के हमले उनके लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं। इस तरह के मामलों में तुरंत पुलिस या चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर सूचना देनी चाहिए ताकि समय रहते किसी मासूम की जान बचाई जा सके।






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