तेलीबांधा चौक का नाम बदलने का कांग्रेस विरोध करती है...

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की क़लम से:-
रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के ऐतिहासिक तेलीबांधा चौक का नाम बदलने की सुगबुगाहट के साथ ही राज्य का राजनीतिक पारा चढ़ गया है। सरकार के इस कदम के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने आक्रामक रुख अपनाते हुए कड़ा विरोध जताया है। पार्टी का स्पष्ट कहना है कि राजनीतिक स्वार्थ के चलते शहर की पुरानी पहचान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
'साहू समाज और जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़'
कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि तेलीबांधा चौक का नाम सौ साल से अधिक पुराना है। यह जगह केवल एक चौराहा नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और सामाजिक विरासत का प्रतीक है। बिना सोचे-समझे नाम बदलने का यह निर्णय सीधे तौर पर जनता और विशेषकर साहू समाज की भावनाओं को आहत करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार असली मुद्दों जैसे कानून-व्यवस्था और विकास से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के इवेंट मैनेजमेंट का सहारा ले रही है।
'भक्त माता कर्मा के नाम पर हो चौक, या फिर पुराना नाम रहे'
कांग्रेस ने मांग उठाई है कि यदि नाम में बदलाव करना ही है, तो इसे छत्तीसगढ़ की महान विभूति भक्त माता कर्मा या तेलिन दाई के नाम पर समर्पित किया जाना चाहिए, अन्यथा इसका पुराना नाम ही बरकरार रखा जाए। पार्टी ने चेतावनी दी है कि ऐतिहासिक धरोहरों और पहचान को मिटाने की किसी भी कोशिश का पुरजोर विरोध किया जाएगा।






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