चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर कांग्रेस का बड़ा हमला: "मनमानी कर 13 करोड़ वोटरों के नाम काटे".....

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की क़लम से :-
रायपुर: छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार पर देश के मतदाताओं के खिलाफ बड़ा षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया है।
एक प्रतिष्ठित अख़बार की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बैज ने दावा किया है कि चुनाव आयोग में अन्य दो आयुक्तों की आपत्तियों को दरकिनार कर बड़े पैमाने पर मनमानी की जा रही है।
दीपक बैज ने बताया कि पिछले 10 महीनों में चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने मतदाता सूची (एसआईआर) में नाम हटाने और जोड़ने की प्रक्रिया पर 14 मौकों पर लिखित आपत्तियां और टिप्पणियां दर्ज कराई थीं। बैज का आरोप है कि बहुमत से चलने वाले आयोग में इन आपत्तियों को सिरे से नजरअंदाज कर दिया गया और मुख्य चुनाव आयुक्त ने मनमाने ढंग से देश के 13 करोड़ मतदाताओं के नाम कटवा दिए।
सिस्टम को हाईजैक करने और 'वोट चोरी' का आरोप -
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर पूरे सिस्टम को हाईजैक कर लिया है और "वोट चोरी" जैसे लोकतंत्र विरोधी काम को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि दिसंबर 2023 में विपक्ष के सांसदों को सदन से बाहर निकालकर एक ऐसा कानून बनाया गया, जिससे चुनाव आयुक्तों को क़ानूनी कार्रवाई और अभियोजन से संरक्षण मिल सके।
राहुल गांधी के दावे हुए सच -
बैज ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लगाए गए आरोप अब पूरी तरह प्रमाणित हो रहे हैं। राहुल गांधी ने 15 महीने पहले ही वोट चोरी का मुद्दा उठाया था। बैज के अनुसार, दो अन्य चुनाव आयुक्तों की टिप्पणियों से यह साफ हो गया है कि सीईसी अपने पद का निर्वहन निष्पक्ष रूप से नहीं कर रहे हैं और मतदाता सूची का कार्य जानबूझकर दोषपूर्ण तरीके से करवाया गया है।
महाभियोग और निष्पक्ष जांच की मांग -
दीपक बैज ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने अपने संवैधानिक पद की गरिमा को धूमिल किया है और वे गृह मंत्री के इशारे पर काम कर रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि 24 अप्रैल 2026 को विपक्ष के 73 सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए महाभियोग प्रस्ताव पेश किया था, जो अभी भी लंबित है।
कांग्रेस पार्टी ने मांग की है कि छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, बिहार, बंगाल और असम में चुनाव प्रक्रियाओं को लेकर उठे गंभीर सवालों की तत्काल निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।






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