चुनाव आयोग पर कांग्रेस का बड़ा आरोप: दीपक बैज ने कहा- 'मुख्य चुनाव आयुक्त ने सत्ता पक्ष के इशारे पर कटवाए 13 करोड़ वोट'.....

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की क़लम से :-
रायपुर: छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार पर आरोप लगाया है कि उन्होंने सत्ता पक्ष के इशारे पर काम करते हुए देश के 13 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से कटवा दिए हैं।
दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों को किया गया नजरअंदाज -
दीपक बैज ने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में मतदाता सूची (एसआईआर) में नाम हटाने और जोड़ने की प्रक्रिया पर 14 बार लिखित आपत्तियां और टिप्पणियां दर्ज कराई थीं। कांग्रेस नेता ने कहा कि आयोग का काम बहुमत के आधार पर चलता है, इसके बावजूद दो आयुक्तों की आपत्तियों को दरकिनार किया जाना यह बताता है कि मुख्य चुनाव आयुक्त अपनी मनमानी कर रहे हैं।
'राहुल गांधी के आरोप हुए प्रमाणित' -
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि शीर्ष अधिकारी प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के इशारे पर काम कर रहे हैं और पूरे सिस्टम को हाईजैक कर लोकतंत्र विरोधी काम को अंजाम दिया जा रहा है। बैज ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 15 महीने पहले 'वोट चोरी' का जो मुद्दा उठाया था, वह अब सच साबित हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि ज्ञानेश कुमार के निर्देशन में मतदाता सूची को दोषपूर्ण तरीके से तैयार करवाया गया है।
निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई की मांग -
कांग्रेस नेता ने कहा कि छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, बिहार, बंगाल और असम जैसे राज्यों में चुनाव प्रक्रियाओं को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। ऐसे में इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
महाभियोग प्रस्ताव का किया जिक्र -
दीपक बैज ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने अपने संवैधानिक पद की गरिमा को धूमिल किया है। उन्होंने याद दिलाया कि 24 अप्रैल 2026 को विपक्ष के 73 सांसदों ने उन्हें पद से हटाने के लिए महाभियोग प्रस्ताव पेश किया था, जो अभी लंबित है। उन्होंने कहा कि दोनों सहयोगियों (अन्य चुनाव आयुक्तों) की टिप्पणियों से स्थिति स्पष्ट हो गई है और यदि संसद का विशेष सत्र बुलाया जाता है, तो विपक्षी सांसद उन्हें हटाने के लिए महाभियोग प्रस्ताव पर जोर देंगे।






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