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कंगना रनौत की कथित टिप्पणी पर रायपुर में शिकायत, मानवाधिकार संगठन ने FIR की मांग की.....

Jul 29
2 min read
  • जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और Gen-Z युवाओं को लेकर कथित टिप्पणी का विरोध, सिविल लाइन थाने में सौंपा गया ज्ञापन

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की कलम से :-

रायपुर, 29 जुलाई राजधानी रायपुर के सिविल लाइन थाना में मानवाधिकार न्याय सुरक्षा संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व प्रदेश सचिव महिला कांग्रेस छत्तीसगढ़ पूनम पांडेय के नेतृत्व में थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर सांसद कंगना रनौत द्वारा जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं एवं Gen-Z युवाओं के संबंध में की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी की निष्पक्ष जांच कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

संगठन ने अपने ज्ञापन में कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांग रखने का संवैधानिक अधिकार है। ऐसे में किसी भी जनप्रतिनिधि द्वारा प्रदर्शनरत छात्र-छात्राओं एवं देश के युवाओं के लिए कथित रूप से अपमानजनक और अमर्यादित भाषा का प्रयोग न केवल उनकी गरिमा को ठेस पहुंचाता है, बल्कि समाज में भी गलत संदेश देता है।


ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि सांसद कंगना रनौत ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंच पर दिए गए अपने कथित बयान में Gen-Z पीढ़ी की परवरिश पर सवाल उठाते हुए उन्हें "गट्ठर छाप परवरिश" जैसी टिप्पणी से संबोधित किया। संगठन का कहना है कि इस प्रकार की कथित टिप्पणी देश के युवाओं, छात्र-छात्राओं और महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली है तथा सामाजिक सौहार्द और लोकतांत्रिक मूल्यों के भी प्रतिकूल है।

मानवाधिकार न्याय सुरक्षा संगठन की प्रदेश अध्यक्ष पूनम पांडेय ने थाना प्रभारी से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर उपलब्ध तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) तथा अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के अंतर्गत आवश्यक होने पर एफआईआर दर्ज कर विधिसम्मत कार्रवाई की जाए।

ज्ञापन में यह भी कहा गया कि कानून सभी के लिए समान है और यदि किसी सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति के बयान से किसी वर्ग की गरिमा प्रभावित होती है, तो उसकी निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है। ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य भी मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शीघ्र कार्रवाई की मांग की।

"हमने सिविल लाइन थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि सांसद कंगना रनौत द्वारा छात्र-छात्राओं और देश के युवाओं के संबंध में की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो भारतीय न्याय संहिता एवं अन्य लागू कानूनों के तहत एफआईआर दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई की जाए। यदि यहां न्याय नहीं मिला तो हमारे लिए न्यायालय का दरवाजा खुला है और हम कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाएंगे।"

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