google.com, pub-3310156774694367, DIRECT, f08c47fec0942fa0
top of page
WhatsApp Image 2025-09-10 at 15.54_edite
ADN FILMS POSTER

BREAKING ADN NEWS

WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.31.jpeg
WhatsApp Image 2026-09-08 at 12.10.10.jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.30 (2).jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.31 (1).jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.30 (1).jpeg

आम आदमी तो अपने घरों में तिरंगा फहराता है, संघ की शाखाओं में क्यों तिरंगे से परहेज....

Aug 10
2 min read
  • भाजपा का तिरंगा अभियान केवल दिखावे के लिये - कांग्रेस


पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की कलम से:-

रायपुर भारतीय जनता पार्टी द्वारा तिरंगा यात्रा अभियान को राजनीति के पाखंड करार देते हुए प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि तिरंगा हर भारतीय के लिए आन बान शान है, लेकिन भाजपाइयों के लिए यह केवल राजनैतिक विषयवस्तु है। भाजपा का राष्ट्रवाद और तिरंगा प्रेम केवल दिखावा है, असलियत में तिरंगा के प्रति भाजपाइयों के मन में हिकारत है भाजपा तो मुखौटा है उनके पित्र संगठन के लोगों ने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे का बार-बार अपमान किया तीन रंग को अपशगुन बताएं, अब केवल राजनीतिक स्वार्थ के लिए घर घर यात्रा निकाल रहे हैं।


प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा भाजपाई आत्म अवलोकन करें कि उनके पूर्वजों ने क्यों तिरंगे को अपमानित किया था। आज भी संघ के शाखाओं में तिरंगा क्यों नहीं फहराया जाता? देशवासी तो गर्व से अपने घरों में तिरंगा फहराते है, संघ की शाखाओं में तिरंगा क्यों नहीं फहराया जाता है।


प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि देश की आन-बान-शान का प्रतीक रहे तिरंगा को भाजपा ने पितृ पुरुष गोलवलकर ने देश के लिये अपशगुन बताया था। तिरंगे के प्रति सम्मान का आडंबर कर रही भाजपा के आदर्श गोलवलकर ने अपनी पुस्तक बंच ऑफ थॉट्स में तिरंगा को राष्ट्रीय ध्वज मानने से ही मना कर दिया था। इस पुस्तक में उन्होंने लोकतंत्र और समाजवाद को गलत बताते हुए संविधान को एक जहरीला बीज बताया था। 14 अगस्त 1947 को आरएसएस के मुखपत्र द आर्गेनाइजर में लिखा था “तीन शब्द ही अशुभ है, तीन रंगो वाला झण्डा निश्चित तौर पर बुरा मनोवैज्ञानिक प्रभाव पैदा करेगा और देश के लिये हानिकारक साबित होगा।” 30 जनवरी 1948 को जब महात्मा गाँधी की हत्या कर दी गयी तो अखबारों के माध्यम से खबरें आई थीं कि आरएसएस के लोग तिरंगे झंडे को पैरों से रौंदकर खुशी मना रहे थे। आज़ादी के संग्राम में शामिल लोगों को आरएसएस की इस हरकत से बहुत तकलीफ हुई थी।


प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा के पितृ संगठन आरएसएस के मूलस्वरूप हिन्दू महासभा का गठन 1925 में हुआ, देश आजाद 1947 में हुआ इन 22 सालों तक भारत के आजादी की लड़ाई में हिन्दू महासभा का क्या योगदान था? भाजपाई बता नहीं सकते। 1947 में जब देश आजाद हुआ तब दीनदयाल उपाध्याय 32 वर्ष के परिपक्व नौजवान थे, देश की आजादी की लड़ाई में उनका क्या योगदान था? कितनी बार जेल गये? 1942 में कांग्रेस महात्मा गांधी की अगुवाई में भारत छोड़ो आंदोलन चला रही थी, तब भाजपा के पितृ पुरुष श्यामा प्रसाद मुखर्जी अंग्रेजी हूकूमत को सलाह दे रहे थे कि भारत छोड़ो आंदोलन को क्रूरतापूर्वक दमन किया जाना चाहिये। अंग्रेजो के इशारे पर मुस्लिम लीग के साथ मिलकर बंगाल में अंतरिम सरकार बनाये। ऐसी विचार धारा वाली भाजपा की तिरंगा यात्रा निकालना केवल राजनैतिक ढोंग है।

Comments


© 2018 by Anis lala dani. Proudly created with breakingadnnews.com

  • Subscribe Channale
bottom of page
naver-site-verification: navere8d42c0359e3e135363406d5b6093c27.html