google.com, pub-3310156774694367, DIRECT, f08c47fec0942fa0
top of page
youtube dp crop.png

BREAKING ADN NEWS

WhatsApp Image 2025-09-10 at 15.54_edite
ADN FILMS POSTER

थर्मल पावर प्लांटों में तेजी से घटा कोयले का भंडार, केवल 9 दिन का स्टॉक बाकी...

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-

नई दिल्ली :- देश में बिजली की बढ़ती मांग और मानसून के कारण कोयले की आपूर्ति में आई बाधाओं के बीच थर्मल पावर प्लांटों में कोयले का भंडार तेजी से घट रहा है। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) के 2 सितंबर 2026 के आंकड़ों के अनुसार 50 थर्मल पावर प्लांटों में कोयले का स्टॉक 'क्रिटिकल' यानी गंभीर स्तर पर पहुंच गया है। देशभर के बिजली संयंत्रों में उपलब्ध कुल स्टॉक भी निर्धारित मानक के आधे से नीचे पहुंच गया है।


सिर्फ 9 दिन के आसपास का कोयला रिपोर्ट के मुताबिक थर्मल पावर प्लांटों में औसतन करीब 9 दिनों की जरूरत के बराबर कोयला उपलब्ध है, जबकि निर्धारित मानक लगभग 19 दिनों के आसपास का है। यानी मौजूदा स्टॉक सामान्य जरूरत के मुकाबले काफी कम हो चुका है। हालात पिछले कुछ हफ्तों में तेजी से बिगड़े हैं। अगस्त के मध्य में CEA के आंकड़ों के आधार पर देश की करीब 2.24 लाख मेगावाट थर्मल क्षमता के पास लगभग 34.04 मिलियन टन कोयला था, जो निर्धारित जरूरत का केवल 55 प्रतिशत था। पिछले साल इसी अवधि में यह अनुपात 88 प्रतिशत था।


मानसून ने बिगाड़ा कोयले का गणित कोयले के भंडार में गिरावट की बड़ी वजह मानसून के दौरान खनन और परिवहन में आने वाली बाधाओं को माना जा रहा है। भारी बारिश के कारण प्रमुख कोयला उत्पादक क्षेत्रों में खनन प्रभावित होता है और खदानों से बिजली संयंत्रों तक कोयला पहुंचाने की रफ्तार भी धीमी पड़ सकती है। इस साल स्थिति इसलिए अधिक चुनौतीपूर्ण है क्योंकि कई हिस्सों में कमजोर मानसून और गर्म मौसम के कारण बिजली की मांग ऊंची बनी हुई है। कृषि क्षेत्र में सिंचाई के लिए भी बिजली की खपत बढ़ी है। पंजाब में 2 सितंबर को बिजली की अधिकतम मांग 16,343 मेगावाट तक पहुंच गई थी, जिसके कारण राज्य को बड़ी मात्रा में बिजली खरीदनी पड़ी।


एक महीने में तेजी से घटा स्टॉक अगस्त की शुरुआत में सरकार ने स्थिति को आरामदायक बताया था। कोयला मंत्रालय के मुताबिक 4 अगस्त को थर्मल पावर प्लांटों के पास 34.55 मिलियन टन कोयला उपलब्ध था। इसके अलावा खदानों और परिवहन में करीब 113 मिलियन टन कोयला मौजूद था। उस समय मंत्रालय ने पूरी सप्लाई चेन को मिलाकर पर्याप्त उपलब्धता होने की बात कही थी। लेकिन संयंत्र स्तर पर इन्वेंट्री लगातार दबाव में आती गई। 18 अगस्त तक 31 संयंत्र क्रिटिकल श्रेणी में पहुंच चुके थे और अब सितंबर की शुरुआत में यह संख्या बढ़कर 50 हो गई है।


सरकार ने बढ़ाई कोयले की सप्लाई बिगड़ते स्टॉक को देखते हुए केंद्र सरकार ने बिजली संयंत्रों तक कोयला पहुंचाने की रफ्तार बढ़ाने के प्रयास तेज किए हैं। कैप्टिव खदानों से उत्पादन बढ़ाने और Coal India की चुनिंदा सहायक कंपनियों के जरिए ज्यादा कोयला लोड करने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार बिजली उत्पादन को बनाए रखने के लिए कुछ थर्मल यूनिटों के निर्धारित मेंटेनेंस को भी जरूरत के अनुसार टाल सकती है। बिजली मंत्रालय पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि मांग बढ़ने पर CEA तकनीकी स्थिति के आधार पर मेंटेनेंस टालने की अनुमति देता है। क्या देश में बिजली संकट का खतरा है? 50 संयंत्रों का क्रिटिकल स्टॉक श्रेणी में पहुंचना चिंता का संकेत जरूर है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि सभी संयंत्र तत्काल बंद होने वाले हैं।


बिजली व्यवस्था में कोयले के अलावा जलविद्युत, परमाणु, गैस, सौर और पवन ऊर्जा का भी योगदान है। अगस्त में अक्षय ऊर्जा उत्पादन बढ़ने से कोयला आधारित बिजली उत्पादन पर कुछ दबाव कम हुआ था। इसके बावजूद लंबे समय तक कोयले की आपूर्ति मांग से पीछे रही तो थर्मल पावर उत्पादन पर दबाव बढ़ सकता है। यही वजह है कि सरकार कोयले के उत्पादन, रेलवे के जरिए परिवहन और संयंत्रों के स्टॉक की लगातार निगरानी कर रही है। फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती मानसून के बीच बिजली की ऊंची मांग और घटते कोयला भंडार के बीच संतुलन बनाए रखना है। आने वाले दिनों में खदानों से आपूर्ति में सुधार होता है तो स्थिति संभल सकती है, लेकिन स्टॉक और घटने पर बिजली क्षेत्र के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं |

Comments


All Videos

All Videos

All Videos
वर्तमान परिवेश में बस सफर पर कितनी सुरक्षित है महिलाएं """

वर्तमान परिवेश में बस सफर पर कितनी सुरक्षित है महिलाएं """

06:09
हीट एण्ड रन का विरोध भारतिय न्याय संहिता 2023 का विरोध ड्राईव्हर गाड़ी छोड़ घर को चले..

हीट एण्ड रन का विरोध भारतिय न्याय संहिता 2023 का विरोध ड्राईव्हर गाड़ी छोड़ घर को चले..

25:50
खर्रा जाति के अध्यक्ष बने डिग्री लाल दास ( सांकरा ) #basna #mahasamund

खर्रा जाति के अध्यक्ष बने डिग्री लाल दास ( सांकरा ) #basna #mahasamund

10:47
न्यायालय के आदेश को दिखा रहें ठेंगा | #basna #chhattisgarh

न्यायालय के आदेश को दिखा रहें ठेंगा | #basna #chhattisgarh

05:21
शुभा नर्सिंग होम क्षेत्र का गौरव -  सुख और धन त्याग कर, अपने ही क्षेत्र में सेवा को चुना. #hospital

शुभा नर्सिंग होम क्षेत्र का गौरव - सुख और धन त्याग कर, अपने ही क्षेत्र में सेवा को चुना. #hospital

28:53
डॉ. अनामिका पाल ने आपराधिक मामलों के बारे में घोषणा की..

डॉ. अनामिका पाल ने आपराधिक मामलों के बारे में घोषणा की..

00:22
Unhe Pata Hai Ki Jaalifesyle Ka Mukhiya Koun Hai | Aur Ham Jante Hai Unhe Jinhe Pata Hai Ki Mukhiya.

Unhe Pata Hai Ki Jaalifesyle Ka Mukhiya Koun Hai | Aur Ham Jante Hai Unhe Jinhe Pata Hai Ki Mukhiya.

19:00

© 2018 by Anis lala dani. Proudly created with breakingadnnews.com

  • Subscribe Channale
bottom of page
naver-site-verification: navere8d42c0359e3e135363406d5b6093c27.html