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'ऑपरेशन क्लीन हंट' के तहत रायगढ़ पुलिस की बड़ी सफलता.....

Sep 5
3 min read

ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-

रायगढ़ जिले में फरार आरोपियों और वारंटियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन क्लीन हंट’ के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। घरघोड़ा पुलिस ने वर्षों से फरार चल रहे चिटफंड कंपनी के डायरेक्टर सुनील तिवारी को जशपुर से हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया है। आरोपी पर अन्य लोगों के साथ मिलकर निवेशकों को कम समय में अधिक रकम दिलाने का झांसा देकर रुपये जमा कराने और बाद में कंपनी बंद कर रकम वापस नहीं करने के मामले में संलिप्तता का आरोप है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे रिमांड पर भेज दिया गया।


वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी के मार्गदर्शन में फरार और लंबित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए ऑपरेशन क्लीन हंट चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी के सुपरविजन में घरघोड़ा पुलिस ने यह कार्रवाई की। थाना प्रभारी घरघोड़ा निरीक्षक कुमार गौरव साहू को मुखबिर से सूचना मिली थी कि चिटफंड प्रकरण में फरार आरोपी सुनील तिवारी जशपुर आया हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम सक्रिय हुई और जशपुर पहुंचकर आरोपी को अभिरक्षा में लिया। इसके बाद उसे घरघोड़ा थाने लाकर पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर अपराध करना स्वीकार किया। इसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार किया गया।


मामला वर्ष 2017 का है। 27 मार्च 2017 को नवापारा घरघोड़ा निवासी लालबाबू गुप्ता ने थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि नवापारा घरघोड़ा में राजकुमार कोसे द्वारा ‘शुष्क इंडिया लिमिटेड’ नाम की कंपनी संचालित की जा रही थी। कंपनी लोगों को कम समय में ज्यादा रकम मिलने का लालच देकर निवेश के लिए प्रेरित करती थी। शिकायत के मुताबिक, कंपनी की बातों में आकर वर्ष 2012 से प्रतिमाह 601 रुपये की दर से रकम जमा की गई थी। क्षेत्र के कई अन्य लोगों ने भी कंपनी में मासिक किस्त और फिक्स डिपॉजिट के रूप में रकम जमा कराई थी। निवेशकों को उनकी जमा रकम के बदले बांड पेपर दिए गए थे।


वर्ष 2016 में कंपनी से जुड़े राजकुमार कोसे निवेशकों की रकम वापस किए बिना फरार हो गया। बाद में निवेशकों ने अपनी रकम वापस मांगी तो कंपनी बंद होने और उसके खिलाफ केस चलने की बात कहते हुए रकम लौटाने से कथित तौर पर इनकार कर दिया गया। शिकायत के आधार पर घरघोड़ा पुलिस ने अपराध क्रमांक 61/2017 दर्ज कर तत्कालीन आईपीसी की धारा 420 सहित अन्य धाराओं और छत्तीसगढ़ निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम 2005 के तहत जांच शुरू की थी। विवेचना के दौरान निवेशकों के बयान दर्ज किए गए और बांड पेपर समेत कार्यालय से संबंधित सामग्री जब्त की गई। मामले में राजकुमार कोसे को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया था।


आगे की जांच में आरओसी ग्वालियर से कंपनी के डायरेक्टरों की जानकारी प्राप्त की गई। इसमें दिनेश सैनी, नरेंद्र लोधी और सुनील तिवारी के नाम सामने आए। दिनेश सैनी के केंद्रीय जेल उज्जैन में निरुद्ध होने की जानकारी मिलने पर उसे प्रोडक्शन वारंट के जरिए हिरासत में लेकर वर्ष 2022 में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस शेष आरोपियों की तलाश लगातार कर रही थी। इसी दौरान सुनील तिवारी के जशपुर आने की सूचना मिली और 3 सितंबर 2026 को उसे हिरासत में ले लिया गया। पुलिस के मुताबिक सुनील तिवारी 41 वर्ष का है और मूल रूप से इंदौर का रहने वाला है तथा वर्तमान में भोपाल में रह रहा था।

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