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सुशासन तिहारू में CM साय का जन-संवाद, गाँव-गाँव पहुँचा विकास....

Aug 23
3 min read

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-

जनसंपर्क सुशासन तिहार छत्तीसगढ़ शासन की एक संवेदनशील पहल है, जिसका उद्देश्य गाँवों और शहरों के द्वार पर पहुंचकर आम जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान करना और शासन-प्रशासन के प्रति जनविश्वास को मजबूत करना है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में गत माह आयोजित इस अभियान के तहत जनता से सीधे संवाद और विकास कार्यों को गति दी जाती है। अधिक जानकारी के लिए छत्तीसगढ़ शासन पोर्टल पर जा सकते हैं।


बस्तर का आयतु हो या सरगुजा जिले का तिहारू, धमतरी जिले के आदिवासी बहुल नगरी अंचल के ईतवारी राम कमार अपनी बात बेबाकी से प्रदेश के मुखिया विष्णु देव साय के समक्ष खड़े होकर कह सकता है कि साहब हमारे यहां पीडीएस यानी सरकारी उचित मूल्य की दुकान का अनाज एवं अन्य खाद्यान सामग्री किफायती दर पर और सही समय पर मिल रहा है अथवा नहीं ? सुशासन जो कि गुड गवर्नेस कहने पर आसानी से लोगों के जहन में बसता है इसका वास्तविक अर्थ है ऐसा शासन जो लोक-केंद्रित हो, पारदर्शी हो और जिसमें जनता की आवाज सर्वाेपरि हो।


पिछले दिनों सफलता पूर्वक सम्पन्न सुशासन तिहार के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने औचक ग्रामीणों के बीच पहुँचकर सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का जायजा लिया। सुशासन का वास्तविक अर्थ केवल योजनाओं की घोषणा करना नहीं, बल्कि शासन को इस प्रकार संवेदनशील, पारदर्शी और उत्तरदायी बनाना है कि उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहजता से पहुंचे। सुशासन तिहार इसी सोच का जीवंत उदाहरण है। इसी मंशा से प्रदेश के सुदूरवर्ती इलाकों के लोगों ने भी गाँव की चौपाल में अपने मुखिया के समक्ष विभिन्न सार्वजनिक जरूरतों के बारे में प्रमुखता से अपनी बात रखी। चाहे वह हेण्डपम्प की हो या तालाब में घाट का निर्माण, सामुदायिक भवन, आंगनबाडी भवन, पहुंचमार्ग का निर्माण अथवा विद्युत लाईन का विस्तार, मध्यान्ह भोजन की बात हो या स्कूलों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति के संबंध में अपनी बातें रखीं।


सुशासन तिहार के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में 15 से 20 ग्राम पंचायतों के समूह और शहरी क्षेत्रों में वार्ड क्लस्टर स्तर पर शिविर का आयोजन हुआ। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की छोटी-छोटी सार्वजनिक जरूरतों को मौके पर ही तुरन्त अपनी मंजूरी प्रदान की। गांव वालों के बीच हेलीकॉप्टर का अचानक उतरना लोगों के लिए कौतूहल का विषय होता है, उनके बीच प्रदेश के मुखिया उनके दुःख-दर्द का हालचाल जानने आए हैं, वह भी बैशाख-जेठ महिने की तपती दोपहरी में। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर ग्रामीण भी सहज होकर आत्मीयता से अपनी बात रखते। मुख्यमंत्री भी उनकी सार्वजनिक जरूरतों की मांग को मौके पर ही पूरा कर देते। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में गांव, गरीब और किसानों की विभिन्न समस्याओं का यथा संभव तुरन्त समाधान करने इस वर्ष पूरे प्रदेश में 01 मई से 10 जून 2026 तक सुशासन तिहार संचालित किया गया।


छत्तीसगढ़ में सरकार और जनता के बीच परस्पर संवाद के एक प्रभावी माध्यम के रूप में सुशासन तिहार संचालित हुआ जो सफलता पूर्वक सम्पन्न हो गया। इस वर्ष भी प्रदेश के सभी 33 जिलों के 146 विकासखण्डों में शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों के अभियान दलों का गठन कर उन्हें गांवों में भेजा गया। राज्य में कुल 11 हजार 693 ग्राम पंचायतों के अन्तर्गत गांव की संख्या 19 हजार 820 के आसपास हैं। अभियान के तहत् विभिन्न विभागों के हजारों अधिकारी और कर्मचारी अलग-अलग जत्थों में पैदल भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने गांवों में रात रूक कर ग्रामीणों से चौपाल में उनकी समस्याओं तथा जरूरतों की जानकारी भी ली। त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने भी इस अभियान में भाग लिया। मुख्यमंत्री और सभी जिलों के प्रभारी मंत्रियों तथा प्रभारी सचिवों ने इस दौरान विभिन्न जिलों के गांवों का आकस्मिक दौरा कर सुशासन तिहार का सुचारू संचालन सुनिश्चित करते हुए शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों का मूल्यांकन भी किया।


अभियान के दौरान सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत अन्त्योदय अन्न योजना, अनाज भण्डारण और वितरण की स्थिति, भौगोलिक दृष्टि से पहुंचविहीन क्षेत्रों में मानसून के पहले आवश्यक वस्तुओं के समुचित भण्डारण, बीपीएल श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए अमृत नमक वितरण की भी समीक्षा की गई। महात्मा गांधी नरेगा तथा अन्य रोजगार मूलक कार्यों की प्रगति और उनमें लगे श्रमिकों के मजदूरी भुगतान, राजस्व - प्रकरणों के निराकरण के अंतर्गत आविवादित नामांतरण, बटवारा और सीमांकन के मामलों की स्थिति, पेयजल व्यवस्था और पेयजल स्त्रोंतो की साफ-सफाई सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान, निर्मल ग्राम योजना, विद्युत व्यवस्था, ट्रांसफार्मरों और विद्युत लाईनों के समुचित रख-रखाव, कृषि पम्पों के विद्युतिकरण और एकल बत्ती कनेक्शन से संबंधित शासकीय प्रगति की भी समीक्षा की गई। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाओं पेंशन, निराश्रित पेंशन और सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों की स्थिति की भी समीक्षा की गई।

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