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बाल विवाह एक अभिशाप, बाल विवाह रोककर बचाएं बच्चों का भविष्य.....

Jul 22
3 min read
  • कुपोषण और एनीमिया के खिलाफ जमीनी स्तर पर तंत्र को करें मजबूत, हर दिन आंगनबाड़ी केंद्रों का करें निरीक्षण: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े |

  • हर आंगनबाड़ी केंद्रों में लगाएं मुनगा और करें पोषण वाटिका का विकास, अपने बच्चों के समान करें आंगनबाड़ी में बच्चों का पालन-पोषण |

  • बाल विवाह के दुष्प्रभाव के प्रति बच्चों को करें जागरूक |

  • मंत्री राजवाड़े ने ली विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक |

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की कलम से:-

रायपुर महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने आज जिला सूरजपुर में महिला एवं बाल विकास विभाग तथा समाज कल्याण विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक लेकर विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति का आकलन किया। बैठक में सूरजपुर कलेक्टर रेना जमील, जिला पंचायत सीईओ विजेंद्र सिंह पाटले सहित दोनों विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

बैठक में मंत्री राजवाड़े ने विभाग की स्थापना संबंधी जानकारी लेते हुए रिक्त पदों की समीक्षा की तथा सभी परियोजनाओं में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के रिक्त पदों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों की अधोसंरचना की समीक्षा करते हुए भवनविहीन, किराए के भवनों में संचालित, मरम्मत योग्य, निष्प्रयोज्य योग्य जर्जर भवनों की जानकारी ली तथा निर्माणाधीन भवनों की प्रगति एवं भवन मरम्मत के लिए जारी राशि के व्यय की समीक्षा करते हुए सभी मरम्मत कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए।

मंत्री ने मीठा शक्ति आहार, नमकीन दलिया निर्माण, रेडी-टू-ईट खाद्य सामग्री के वितरण तथा उसकी गुणवत्ता की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नियमित रूप से फील्ड निरीक्षण कर गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आंगनबाड़ी केंद्रों के उन्नयन, पोषण ट्रैकर में नियमित प्रविष्टि तथा बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित करने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ कार्य कर जिले को कुपोषण एवं एनीमिया मुक्त बनाने का लक्ष्य प्राप्त करें।

उन्होंने कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के अंतर्गत कुपोषित बच्चों एवं एनीमिक महिलाओं को लाभान्वित करने की प्रगति, लक्षित हितग्राहियों के पर्यवेक्षण तथा चयनित स्व-सहायता समूहों की भूमिका की समीक्षा की। कुपोषण की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने तथा एनीमिक महिलाओं की समय पर पहचान एवं उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, सखी वन स्टॉप सेंटर तथा नवा बिहान योजना की प्रगति की भी विस्तृत समीक्षा की गई। मंत्री ने सभी परियोजनाओं में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए।

जिले में बाल विवाह की स्थिति की समीक्षा करते हुए मंत्री राजवाड़े ने बाल विवाह रोकने के लिए प्रभावी रणनीति अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरपंचों एवं सचिवों को विशेष प्रशिक्षण देकर विवाह तय होने की प्रारंभिक अवस्था में ही बाल विवाह रोकने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही किशोर-किशोरियों को कम उम्र में विवाह के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाए।

उन्होंने प्रत्येक घर में मुनगा का पौधा लगाने तथा प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र में मुनगा, हरी सब्जियों एवं पोषण वाटिका विकसित करने पर बल देते हुए कहा कि मुनगा की पौष्टिकता का उपयोग कर कुपोषण को प्रभावी ढंग से दूर किया जा सकता है। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों में स्वच्छता बनाए रखने, शौचालयों की नियमित सफाई, बच्चों को स्वच्छ वस्त्र पहनाने तथा अभिभावकों को साफ-सफाई के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए।


मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि व्यवस्थाओं में सुधार के लिए जमीनी स्तर तक तंत्र को पूर्ण रूप से सक्रिय करना बेहद आवश्यक है। अधिकारी एवं कर्मचारी नियमित रूप से फील्ड में उतरकर कार्य करेंगे, तभी कुपोषण और एनीमिया जैसी समस्याओं का प्रभावी समाधान संभव होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक अधिकारी प्रतिदिन कम से कम पांच आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण करें तथा यह सुनिश्चित करें कि सभी केंद्र नियमित रूप से संचालित हों, वहां पोषण वाटिका विकसित हो और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जा रहा हो।


उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों का उद्देश्य बच्चों का समग्र विकास और बेहतर भविष्य सुनिश्चित करना है। बच्चों का पालन-पोषण अपने बच्चों की तरह करते हुए सभी अधिकारी एवं कर्मचारी जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन ही कुपोषण एवं एनीमिया मुक्त सूरजपुर के निर्माण का आधार बनेगा, जिससे मजबूत और स्वस्थ परिवारों का निर्माण होगा।


इसके अलावा समाज कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान मंत्री राजवाड़े ने सामाजिक सहायता कार्यक्रम, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना, सुखद सहारा योजना, दिव्यांग पेंशन योजना, पेंशन हितग्राहियों के भौतिक सत्यापन, दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरण, दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना एवं दिव्यांग छात्रवृत्ति योजना सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली तथा योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचाने के निर्देश दिए।

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