छत्तीसगढ़ में हरित ऊर्जा को बढ़ावा, राजनांदगांव में 120 MWh बैटरी स्टोरेज परियोजना...

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-
रायपुर :- देश में सौर और पवन ऊर्जा के बढ़ते उत्पादन के बीच बिजली को संग्रहित कर जरूरत के समय उपयोग करने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। राष्ट्रीय विद्युत योजना के तहत वर्ष 2030 तक देश में 208 गीगावाट घंटे क्षमता वाले बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस योजना में छत्तीसगढ़ भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। राजनांदगांव जिले में 120 मेगावाट घंटे क्षमता की बैटरी स्टोरेज परियोजना संचालित होने की जानकारी सामने आई है। इसके जरिए दिन में उत्पादित अतिरिक्त सौर ऊर्जा को संग्रहित कर रात या अधिक मांग के समय उपयोग किया जा सकेगा।
देश में अब तक 798 मेगावाट घंटे क्षमता वाली बैटरी ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित हो चुकी हैं, जबकि 35.8 गीगावाट घंटे क्षमता की परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। ऊर्जा भंडारण प्रणाली से ग्रिड पर दबाव कम करने, बिजली आपूर्ति को स्थिर बनाए रखने और वोल्टेज नियंत्रण में मदद मिलेगी। छत्तीसगढ़ में सौर ऊर्जा के विस्तार पर भी जोर दिया जा रहा है। SECL ने वित्त वर्ष 2028-29 तक 700 मेगावाट सौर क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा है। वहीं जलाशयों पर फ्लोटिंग सोलर पैनल लगाने की संभावनाओं का भी आकलन किया जा रहा है।
राज्य गठन के समय छत्तीसगढ़ की स्थापित विद्युत क्षमता 1,360 मेगावाट थी, जो सितंबर 2026 तक बढ़कर 2,978.70 मेगावाट हो गई है। बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए बैटरी स्टोरेज, सौर ऊर्जा और फ्लोटिंग सोलर परियोजनाएं प्रदेश के ऊर्जा भविष्य के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती हैं। #Chhattisgarh #GreenEnergy #SolarEnergy #BatteryStorage #Rajnandgaon #RenewableEnergy #FloatingSolar #SECL #EnergySecurity #BreakingADNNews






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