छत्तीसगढ़ रेरा का कड़ा रुख: सेजबहार की अधूरी आवासीय परियोजना पर भारी जुर्माना, प्रमोटर को थमाया नोटिस...

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-
रायपुर: राज्य के शासकीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को जल्द ही महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में बढ़ोतरी का लाभ मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा की अगुवाई में उपमुख्यमंत्री अरुण साव से मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने 1 जनवरी से देय 2 प्रतिशत अतिरिक्त डीए और डीआर स्वीकृत करने की पुरजोर मांग उठाई।
फेडरेशन का कहना है कि केंद्र सरकार के अनुरूप ही राज्य के कर्मचारियों को भी समय पर इसका लाभ मिलना चाहिए, जिससे उन्हें आर्थिक संबल मिल सके। साथ ही, चुनावी वादों के तहत लंबित मांगों के शीघ्र समाधान की गुहार भी लगाई गई। मुलाकात के बाद उपमुख्यमंत्री ने मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखकर उचित कदम उठाने का भरोसा दिया है। इस चर्चा में विभिन्न संघों के प्रमुख पदाधिकारी भी शामिल रहे।
रेरा की सख्त कार्रवाई: लापरवाही पर प्रमोटर को हर्जाना देने के निर्देश दूसरी ओर, छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (CG-RERA) ने रियल एस्टेट सेक्टर में मनमानी करने वालों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। रायपुर के सेजबहार स्थित 'वात्सल्य गौरव-1, फेज-1' प्रोजेक्ट में तय समय पर विकास कार्य पूरा न करने और बिना पूर्णता प्रमाण पत्र के काम जारी रखने का मामला सामने आया है।
प्राधिकरण ने सुनवाई के बाद प्रमोटर को निर्देश दिया है कि वह आबंटी को करीब 6.87 लाख रुपये की ब्याज राशि का भुगतान करे। साथ ही, जब तक प्रोजेक्ट का फाइनल कंप्लीशन सर्टिफिकेट नहीं मिल जाता, तब तक हर महीने 7 हजार से अधिक की राशि बतौर ब्याज देनी होगी।
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि प्रोजेक्ट का रेरा में वैध पंजीयन नहीं कराया गया था, जिस पर प्राधिकरण ने धारा 59 के तहत अलग से कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का साफ संदेश है कि केवल प्लॉट या फ्लैट बेच देने से प्रमोटर्स की जिम्मेदारी खत्म नहीं होती; मूलभूत सुविधाएं विकसित करना और तय नियमों का पालन करना अनिवार्य है।






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