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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट : फार्मेसी काउंसिल में रजिस्ट्रार नियुक्ति विवाद पर IAS अमित कटारिया समेत 3 अफसरों को नोटिस...

2 hours ago
2 min read

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-

बिलासपुर में फार्मेसी काउंसिल के मामले को लेकर उच्च न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाया है। तय समय सीमा में आदेश का पालन न होने पर स्वास्थ्य विभाग के शीर्ष अधिकारियों को अदालत में जवाब तलब किया गया है।


छत्तीसगढ़ स्टेट फार्मेसी काउंसिल में नियमित रजिस्ट्रार की नियुक्ति से जुड़े मामले में हाईकोर्ट ने कड़ा कदम उठाया है। न्यायालय के पुराने निर्देशों का पालन तय अवधि में न होने पर, अदालत ने अवमानना का कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जिन प्रमुख अधिकारियों को यह नोटिस मिला है, उनमें स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया, स्वास्थ्य संचालक संजीव झा और स्टेट फार्मेसी काउंसिल के अध्यक्ष अरुण मिश्रा शामिल हैं। अदालत ने तीनों अधिकारियों से आगामी तीन हफ्तों के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा है।


क्या है पूरा मामला और आदेश की पृष्ठभूमि?

यह पूरा विवाद फार्मेसी काउंसिल में पूर्णकालिक और योग्य रजिस्ट्रार की नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़ा है। इससे पहले, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 15 मई को राज्य सरकार और काउंसिल को यह निर्देश दिया था कि वे आठ हफ्तों के भीतर नियमानुसार पात्र व्यक्ति को स्थायी रजिस्ट्रार के पद पर नियुक्त करें।


इससे पहले मार्च माह में तत्कालीन रजिस्ट्रार अश्वनी गुरडेकर की नियुक्ति और उनकी योग्यताओं पर सवाल उठे थे, जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें हटाने का निर्देश दिया था। लेकिन मई के आदेश के बावजूद निर्धारित समय सीमा में नई स्थायी नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं की जा सकी। इस देरी और अदालत के आदेश की अवहेलना को देखते हुए प्रार्थी डॉ. राकेश गुप्ता की तरफ से हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की गई थी, जिसके बाद यह नया एक्शन लिया गया है।


आगे क्या होगा ?

हाईकोर्ट द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने का मतलब यह नहीं है कि अधिकारियों को दोषी करार दे दिया गया है। अदालत ने उन्हें अपना पक्ष रखने और यह स्पष्ट करने का पूरा अवसर दिया है कि आदेश के पालन में देरी क्यों हुई। अब सभी की निगाहें अधिकारियों द्वारा दाखिल किए जाने वाले जवाब और अदालत की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।

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