छत्तीसगढ़ स्टेट जीएसटी विभाग का बड़ा कदम, CGPSC की तर्ज पर हुआ पदोन्नति घोटाला उजागर....

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की क़लम से :-
रायपुर: छत्तीसगढ़ राज्य कर (जीएसटी) विभाग में वर्ष 2021 और 2022 के दौरान सीमित विभागीय भर्ती परीक्षा में नियमों को ताक पर रखकर की गई 42 वाणिज्यिक कर निरीक्षकों की नियुक्ति को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है।
राज्यकर आयुक्त पुष्पेंद्र कुमार मीणा द्वारा जारी कड़े आदेश के तहत इन सभी 42 कर्मचारियों को उनके मूल पद (लिपिक) पर पदावनत (Demote) कर दिया गया है। संभावित न्यायालयीन चुनौती को देखते हुए विभाग ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में कैविएट भी दायर कर दी है।
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। धरसींवा विधायक अनुज शर्मा के लगातार और आक्रामक प्रयासों से यह बड़ा प्रशासनिक भ्रष्टाचार बेनकाब हुआ है। इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक अनुज शर्मा ने कहा, "यह सत्य की गूंज और न्याय की जीत है।"
बजट से मानसून सत्र तक: ऐसे हिला भ्रष्ट तंत्र (क्रोनोलॉजी) -
इस महाघोटाले को रफा-दफा करने की विभागीय स्तर पर पुरजोर कोशिश की जा रही थी, लेकिन धरसींवा विधायक अनुज शर्मा द्वारा विधानसभा में की गई सिलसिलेवार घेराबंदी के कारण भ्रष्ट तंत्र को आखिरकार झुकना पड़ा:
बजट सत्र: विधायक अनुज शर्मा ने तारांकित प्रश्न क्रमांक 829 के माध्यम से सबसे पहले इस नियम विरुद्ध पदोन्नति के मामले को उठाकर विभाग की कमियां उजागर कीं।
10 मार्च (ध्यानाकर्षण प्रस्ताव): उन्होंने सदन में ध्यानाकर्षण के माध्यम से इस करोड़ों रुपये के लेन-देन वाले घोटाले को प्रमुखता से रखा। चौतरफा घिरने के बाद विभागीय मंत्री ने उच्च स्तरीय जांच कराकर कड़ी कार्रवाई की घोषणा की थी।
मानसून सत्र: विभागीय घोषणा के बाद भी जब अफसरों ने कार्रवाई में ढिलाई बरती, तो विधायक शर्मा ने अतारांकित प्रश्न क्रमांक 767 के जरिए सीधे मंत्री जी की घोषणा पर अब तक हुई कार्रवाई की स्टेटस रिपोर्ट मांग ली।
विधायक के इस अडिग रुख के बाद उच्चस्थ अधिकारी हरकत में आए और जांच समिति को रिपोर्ट सौंपने का अल्टीमेटम दिया। इसी दृढ़ इच्छाशक्ति का परिणाम रहा कि सीजीपीएससी घोटाले की तर्ज पर जीएसटी विभाग का यह पदोन्नति घोटाला पूरी तरह बेनकाब हो गया।
चयन समिति का कबूलनामा: बिना सील के खुद कमिश्नर लाए थे पेपर
जांच समिति के सामने तत्कालीन चयन समिति के सदस्यों—कल्पना तिवारी (तत्कालीन अपर आयुक्त), टी.आर. धुर्वे (तत्कालीन संयुक्त आयुक्त) और रौशन सिंह (सहायक आयुक्त)—ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं:
गोपनीयता भंग: चयन समिति ने स्वीकार किया कि परीक्षा हॉल में प्रश्न पत्र और उत्तर पुस्तिकाएं बिना सील (Unsealed) किए सीधे तत्कालीन आयुक्त समीर विश्नोई द्वारा स्वयं पहुंचाई गई थीं।
गायब रिकॉर्ड: परीक्षा में पारदर्शिता का दावा करने वाला विभाग परीक्षा दे रहे अभ्यर्थियों की उपस्थिति का रिकॉर्ड (Attendance Record) तक जांच समिति को उपलब्ध कराने में असमर्थ रहा।
जांच में उजागर अन्य गंभीर अनियमितताएं और भ्रष्टाचार के तरीके
उत्तर पुस्तिकाओं की कड़ाई से हुई जांच में भ्रष्टाचार के अकाट्य सबूत मिले हैं:
हूबहू एक जैसे निबंध: छत्तीसगढ़ के प्रणेता डॉ. खूबचंद बघेल की जीवनी पर पूछा गया निबंध सभी चयनित अभ्यर्थियों की कॉपियों में शब्द-ब-शब्द एक समान लिखा हुआ पाया गया, जिससे स्पष्ट है कि सबको पहले से मॉडल आंसर रटवाए गए थे।
गलत जवाब पर पूरे अंक: चहेते अभ्यर्थियों को पास कराने के लिए पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation) का सहारा लेकर फर्जी तरीके से अंक बढ़ाए गए और गलत उत्तरों पर भी पूरे नंबर दिए गए।
आरटीआई (RTI) अफसरों को हटाना: घोटाला छिपाने के लिए चयन सूची आते ही उत्तर पुस्तिका मांगने वाले अभ्यर्थियों को रोकने हेतु मूल जनसूचना अधिकारियों को हटाकर चयन समिति के ही अफसरों को प्रभार सौंप दिया गया था।
योग्यता तिथि में बदलाव: कुछ अभ्यर्थी निर्धारित तिथि तक स्नातक भी नहीं थे, जिन्हें लाभ पहुंचाने के लिए पात्रता नियमों और अर्हता तिथि में बैकडेट में बदलाव किया गया।
शार्टकट पदोन्नति: नियमों को ताक पर रखकर महज 10 साल की सेवा अवधि के भीतर भृत्य से लोअर डिवीजन क्लर्क और फिर सीधे 'निरीक्षक' जैसे राजपत्रित समकक्ष पद पर पदोन्नति दे दी गई।
भर्ती रद्द किए गए 42 जीएसटी निरीक्षकों की सूची -
वर्ष 2021 भर्ती वाले: आकाश त्रिपाठी, दिव्य प्रकाश वर्मा, भरत लाल साहू, ओम नारायण बघेल, संतु राम सलाम, नीरज श्रीवास्तव, अमित हुमने, भूषण कुर्रे, तोमन लाल भुआर्या, यज्ञेश दीवान, पुष्पेंद्र करश, विधान रंजन कुल्लू, युगल किशोर साहू, मलिक राम बांधे, लाल साय राम, गो शिवेंद्र टांडे, सत्य नारायण नेताम, मोनिका दीवान, जितेंद्र नेताम, दुरूपरसाय मांझी, और अनिल कुमार जांगड़े।
वर्ष 2022 भर्ती वाले: सुरेश कुमार गुप्ता, प्रभात चन्द्र तिवारी, अजय कौशिक, हितेश कुमार दुबे, दीपा उधवानी, रितु सोनकर, दीपेश कुमार साहू, गायत्री सिन्हा, गजेंद्र कुमार तिवारी, ओम प्रकाश साहू, मनीष चेलक, ताम्रध्वज साहू, नंदनी साहू, दीपक तुरियाकर, अमर सिंह कंवर, उदयराम ध्रुव, रमेश कुमार धृतलहरे, दीप्ति मरकाम, चंद्रकांत ठाकुर, दीपक कुजूर, और राकेश कुमार मिंज।





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