नियमित भर्ती और पदोन्नति रोक कर आउटसोर्सिंग की बैसाखियों पर ठेका सरकार चला रही है - कांग्रेस....
विशेष सचिव से लेकर निचले पदों तक नियम विरुद्ध संविदा, चहेतों को मलाईदार तोहफा...

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की क़लम से :-
रायपुर। छत्तीसगढ़ में नियमित भर्तियों और पदोन्नति की प्रक्रिया को रोककर आउटसोर्सिंग और संविदा नियुक्तियों के जरिए कामकाज चलाए जाने पर मुख्य विपक्षी दल ने तीखा हमला बोला है। पार्टी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सरकार हर मोर्चे पर नाकाम साबित हो रही है और प्रशासनिक व्यवस्था को पूरी तरह से पटरी से उतार दिया गया है।
हाल ही में एक सेवानिवृत्त अधिकारी को पांच साल के लिए विशेष सचिव पद पर संविदा नियुक्ति दिए जाने पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। जानकारों और विपक्षी नेताओं का तर्क है कि नियमों के मुताबिक रिटायर्ड अधिकारियों को अमूमन एक साल के लिए ही संविदा पर रखा जाता है, जिसे काम के आधार पर बढ़ाया जा सकता है। इसके अलावा, ऐसी नियुक्तियां संबंधित मंत्री या मुख्यमंत्री के कार्यकाल के साथ ही समाप्त हो जाती हैं। जब सरकार का कार्यकाल ही सीमित बचा है, तो पांच साल का संविदा आदेश देना नियमों के विपरीत है।
बयान में यह भी आरोप लगाया गया है कि राज्य के युवा लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन नियमित पदों पर भर्तियां बंद होने से उनके सपने टूट रहे हैं। विभागों में पारदर्शिता दरकिनार कर चहेते लोगों को उपकृत किया जा रहा है और बाहरी एजेंसियों के माध्यम से काम थोपा जा रहा है। इससे न सिर्फ योग्य युवाओं के अधिकार छीने जा रहे हैं, बल्कि नियमित कर्मचारियों की पदोन्नति के रास्ते भी बंद हो गए हैं, जिससे प्रशासनिक महकमे में भी निराशा का माहौल है।
कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि युवाओं के हितों के साथ खिलवाड़ करने वाला यह मनमाना रवैया नहीं बदला, तो इसके खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया जाएगा।






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