छत्तीसगढ़ और झारखंड से दिल्ली जा रहीं बसें: आदिवासी महिलाओं को गुमराह कर रैली में जुटाने का आरोप...

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-
रायपुर: छत्तीसगढ़ के खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग में अधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर सख्ती बरती जा रही है, लेकिन इसी बीच सियासी गलियारों में कांग्रेस की आगामी दिल्ली महारैली को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। हाल ही में सामने आई जानकारी के अनुसार, दिल्ली में होने वाली कांग्रेस की महारैली के लिए देश के अलग-अलग राज्यों से आदिवासियों और महिलाओं को बसों में भरकर लाए जाने का मामला गरमा गया है।
आरोप है कि छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, गुजरात और हरियाणा सहित कई राज्यों से गरीब और भोली-भाली आदिवासी महिलाओं तथा एनजीओ से जुड़े लोगों को बिना स्पष्ट कारण बताए दिल्ली लाया जा रहा है।
महिलाओं को नहीं पता दिल्ली जाने का असली कारण -
सूत्रों और बातचीत के आधार पर यह बात सामने आई है कि कई महिलाओं को यह कहकर बसों में बैठाया गया है कि वे किसी विशेष कार्यक्रम या विश्व आदिवासी दिवस के सिलसिले में जा रही हैं। कई जगहों पर महिलाओं को पैसों और रोजी का झांसा देकर या एनजीओ के माध्यम से जुटाए जाने की बात कही जा रही है। महिलाओं को यह तक स्पष्ट नहीं है कि वे किस राजनीतिक उद्देश्य या विरोध प्रदर्शन के लिए राजधानी पहुंच रही हैं।
रांची और छत्तीसगढ़ से बसों का रवानगी का दावा
झारखंड की राजधानी रांची से बड़ी संख्या में समर्थकों और टाना भगत समुदाय के लोगों को बसों के जरिए दिल्ली रवाना किए जाने की खबरें सामने आई हैं। स्थानीय नेताओं द्वारा इन बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इसी तरह छत्तीसगढ़, गुजरात के अहमदाबाद, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और तेलंगाना जैसे राज्यों से भी कांग्रेस पार्टी द्वारा बड़ी संख्या में बसें बुक कर कार्यकर्ताओं और महिलाओं को दिल्ली लाने का प्रयास किया जा रहा है। तेलंगाना कांग्रेस द्वारा भी बड़ी संख्या में विशेष बसों की व्यवस्था किए जाने की जानकारी है।
क्या है रैली का आधिकारिक उद्देश्य ?
दूसरी ओर, कांग्रेस पार्टी का कहना है कि यह महारैली पूरी तरह से लोकतांत्रिक अधिकारों, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ आवाज उठाने के लिए आयोजित की जा रही है। पार्टी नेताओं के मुताबिक, इस प्रदर्शन का उद्देश्य लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा करना है, जिसे दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित किया जाना तय किया गया है।
छत्तीसगढ़ और झारखंड समेत कई राज्यों से दिल्ली के लिए रवाना हुईं बसें।
आदिवासी महिलाओं और गरीब तबके के लोगों को बिना स्पष्ट जानकारी के रैली में शामिल करने का आरोप।
एनजीओ और पैसों के जरिए भीड़ जुटाने की चर्चाओं ने पकड़ा तूल।
कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा से जुड़ा बताया आयोजन।






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