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केंद्र सरकार की DST-FIST योजना के तहत IIIT हैदराबाद में बनी 'BrainLab'...

4 hours ago
4 min read

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-

हैदराबाद :- इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी हैदराबाद (IIIT हैदराबाद) ने मानव मस्तिष्क के काम करने के तरीके को बेहतर ढंग से समझने के लिए एक एडवांस्ड रिसर्च सुविधा ‘ब्रेनलैब’ (BrainLab) की शुरुआत की है। यह अत्याधुनिक ह्यूमन इलेक्ट्रोएन्सेफलोग्राफी (EEG) रिसर्च सुविधा है, जहां वैज्ञानिक यह अध्ययन कर सकेंगे कि इंसानी दिमाग जानकारी को किस तरह प्रोसेस करता है और ध्यान, धारणा तथा व्यवहार जैसी प्रक्रियाओं के दौरान मस्तिष्क में किस तरह की गतिविधियां होती हैं।


नई BrainLab सुविधा को भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के ‘फंड फॉर इम्प्रूवमेंट ऑफ S&T इंफ्रास्ट्रक्चर’ यानी DST-FIST कार्यक्रम के तहत विकसित किया गया है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य वैज्ञानिक संस्थानों में आधुनिक रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना और शोधकर्ताओं को उन्नत तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। IIIT हैदराबाद की कॉग्निटिव साइंस लैब (CSL) को वर्ष 2024 में लाइफ साइंसेज FIST (FIST-LS) कार्यक्रम के तहत यह ग्रांट मिली थी। इसी वित्तीय सहायता के आधार पर BrainLab को विकसित किया गया है। इस ग्रांट को हासिल करने वाली टीम में प्रो. बापी राजू, डॉ. विष्णु श्रीकुमार, डॉ. भक्ति डोंगओनकर, डॉ. विनू अल्लूरी, डॉ. प्रियंका श्रीवास्तव और डॉ. कविता वेमुरी शामिल थे।


BrainLab में EEG तकनीक के जरिए मस्तिष्क की विद्युत गतिविधियों का अध्ययन किया जा सकेगा। EEG एक ऐसी तकनीक है जिसके माध्यम से मस्तिष्क में होने वाली विद्युत गतिविधियों को रिकॉर्ड किया जाता है। शोधकर्ता इसके जरिए अलग-अलग परिस्थितियों में दिमाग की प्रतिक्रिया और गतिविधियों के पैटर्न का विश्लेषण कर सकते हैं। नई सुविधा का मुख्य फोकस यह समझने पर होगा कि इंसान का मस्तिष्क बाहरी दुनिया से मिलने वाली जानकारी को किस प्रकार ग्रहण और प्रोसेस करता है। उदाहरण के तौर पर किसी दृश्य को देखने, किसी आवाज को सुनने, किसी खास चीज पर ध्यान केंद्रित करने या किसी परिस्थिति में निर्णय लेने के दौरान मस्तिष्क में होने वाली गतिविधियों का अध्ययन किया जा सकता है।


ध्यान और धारणा कॉग्निटिव साइंस के महत्वपूर्ण विषय हैं। किसी व्यक्ति के सामने एक ही समय में कई तरह की जानकारियां मौजूद हो सकती हैं, लेकिन मस्तिष्क उनमें से कुछ सूचनाओं को प्राथमिकता देता है। वैज्ञानिक यह जानने की कोशिश करते हैं कि यह चयन कैसे होता है और ध्यान केंद्रित करने के दौरान दिमाग के अलग-अलग हिस्सों की गतिविधियों में किस तरह के बदलाव दिखाई देते हैं। इसी तरह धारणा यानी परसेप्शन पर होने वाला शोध यह समझने में मदद कर सकता है कि इंसान अपने आसपास की दुनिया को कैसे अनुभव करता है। आंखों, कानों और अन्य इंद्रियों से मिलने वाली सूचनाओं को मस्तिष्क किस तरह जोड़ता और उनका अर्थ निकालता है, यह कॉग्निटिव साइंस के प्रमुख शोध क्षेत्रों में शामिल है।


BrainLab में व्यवहार और मस्तिष्क की गतिविधियों के बीच संबंध का भी अध्ययन किया जा सकेगा। किसी व्यक्ति के निर्णय, प्रतिक्रिया या व्यवहार के समय रिकॉर्ड की गई EEG गतिविधियों का विश्लेषण करके शोधकर्ता यह समझने का प्रयास कर सकते हैं कि विभिन्न मानसिक प्रक्रियाएं किस तरह काम करती हैं। इस सुविधा का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि आधुनिक कॉग्निटिव साइंस कई विषयों को एक साथ जोड़ती है। इसमें न्यूरोसाइंस, मनोविज्ञान, कंप्यूटर साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा एनालिसिस जैसे क्षेत्रों की तकनीकों और अवधारणाओं का इस्तेमाल किया जाता है। IIIT हैदराबाद की तकनीकी विशेषज्ञता के साथ BrainLab विभिन्न क्षेत्रों के शोधकर्ताओं को मिलकर काम करने का अवसर दे सकती है। EEG आधारित रिसर्च का एक प्रमुख लाभ यह है कि इसके जरिए मस्तिष्क की गतिविधियों में बहुत तेजी से होने वाले बदलावों को रिकॉर्ड किया जा सकता है।


किसी बाहरी संकेत या घटना के बाद दिमाग किस समय प्रतिक्रिया देता है, इसका अध्ययन करने में EEG महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इससे ध्यान, याददाश्त, भाषा, धारणा और निर्णय जैसी प्रक्रियाओं को समझने में मदद मिल सकती है। BrainLab की स्थापना से IIIT हैदराबाद के छात्रों और शोधकर्ताओं को भी आधुनिक उपकरणों के साथ काम करने का अवसर मिलेगा। इससे उन्हें प्रयोग तैयार करने, EEG डेटा एकत्र करने और उसके विश्लेषण जैसी प्रक्रियाओं का व्यावहारिक अनुभव मिल सकेगा। भविष्य में इस सुविधा का इस्तेमाल अलग-अलग विषयों से जुड़े सहयोगी अनुसंधान में भी किया जा सकता है।


DST-FIST कार्यक्रम के तहत मिली सहायता का उद्देश्य भी देश में वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए जरूरी बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाना है। अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं और उपकरणों तक पहुंच मिलने से शोध संस्थानों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रयोग और अध्ययन करने में सहायता मिलती है। IIIT हैदराबाद की Cognitive Science Lab पहले से मानव अनुभूति और व्यवहार से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर काम करती रही है। BrainLab के जुड़ने से अब EEG आधारित प्रयोगों और शोध की क्षमता को और मजबूत करने का अवसर मिलेगा। नई सुविधा के माध्यम से मानव मस्तिष्क द्वारा जानकारी को प्रोसेस करने, ध्यान केंद्रित करने, चीजों को समझने और व्यवहार तय करने जैसी जटिल प्रक्रियाओं पर विस्तृत अध्ययन किया जा सकेगा।


इससे न केवल कॉग्निटिव साइंस में बुनियादी शोध को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, बल्कि मानव और तकनीक के बीच संबंधों को बेहतर ढंग से समझने वाले अनुसंधान के लिए भी नए रास्ते खुल सकते हैं। BrainLab की शुरुआत के साथ IIIT हैदराबाद ने मानव मस्तिष्क और व्यवहार पर आधुनिक तकनीक आधारित शोध के लिए नया प्लेटफॉर्म तैयार किया है। अब इस सुविधा के जरिए होने वाले अध्ययन और उनसे सामने आने वाले निष्कर्षों पर शोध जगत की निगाह रहेगी।

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