भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना ने रचा इतिहास....
भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना को दिल्ली में मिला हाईएस्ट शुगर रिकवरी का नेशनल अवॉर्ड...
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने क्षेत्रवासियों, किसानों एवं कारखाना कर्मचारियों को दी बधाई...

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की क़लम से :-
रायपुर/कवर्धा: कबीरधाम जिले में स्थित भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाने ने राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कारखाने को वर्ष 2024-25 और 2025-26 के लिए "हाईएस्ट शुगर रिकवरी इन अदर एरिया" का नेशनल एफिशिएंसी अवॉर्ड दिया गया है। छत्तीसगढ़ के लिए यह विशेष गौरव का विषय है कि राज्य में पहली बार किसी सहकारी शक्कर कारखाने को इस श्रेणी में राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुआ है।

दिल्ली में हुआ भव्य सम्मान समारोह -
नई दिल्ली स्थित डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में नेशनल को-ऑपरेटिव शुगर फेडरेशन द्वारा इस भव्य नेशनल एफिशिएंसी अवॉर्ड समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। विशिष्ट अतिथियों के रूप में केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर और छत्तीसगढ़ के सहकारिता मंत्री केदार कश्यप भी उपस्थित रहे।
समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने किसानों की समृद्धि में शक्कर कारखानों के योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए शक्कर कारखानों के सह-उत्पादों (बाय-प्रोडक्ट्स) के अधिकतम उपयोग और उनके वैल्यू एडिशन पर विशेष जोर दिया।
इन्होंने ग्रहण किया पुरस्कार -
भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाने को यह नेशनल अवॉर्ड केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी द्वारा प्रदान किया गया। कारखाने की ओर से यह प्रतिष्ठित पुरस्कार आयुक्त सहकारिता (छत्तीसगढ़) रमेश शर्मा, सहकारिता विभाग के ओएसडी युगल किशोर, कारखाने के प्रबंध संचालक, महाप्रबंधक और इंजीनियरों ने संयुक्त रूप से ग्रहण किया।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने हर्ष व्यक्त करते हुए क्षेत्रवासियों, गन्ना उत्पादक किसानों, अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी है।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में कारखाने की प्रमुख उपलब्धियां:
5 हजार नए किसानों को सदस्यता: लंबे समय की मांग को पूरा करते हुए हाल ही में लगभग 5 हजार नए गन्ना उत्पादक किसानों को शेयर प्रदान कर कारखाने की सदस्यता दी गई है।
रियायती दर पर शक्कर: शेयरधारक किसानों को लगातार तीसरे वर्ष 30 रुपये प्रति किलो की रियायती दर से 50 किलो शक्कर उपलब्ध कराई जा रही है।
जैविक खाद के लिए प्रेसमड: किसानों को खेतों के लिए 1,000 रुपये प्रति ट्रैक्टर की रियायती दर पर प्रेसमड दिया जा रहा है।
किसानों का शैक्षणिक भ्रमण: गन्ना किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों से परिचित कराने के लिए उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र (पुणे, बारामती) और गुजरात के प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रशिक्षण के लिए भेजा गया है।
उन्नत गन्ना बीजों का वितरण: उत्पादकता बढ़ाने के लिए महाराष्ट्र से उन्नत प्रजाति के गन्ना बीज मंगाकर बांटे जा रहे हैं। इस वर्ष 1,000 एकड़ में नई प्रजातियों का रोपण हुआ है और 10 एकड़ में डेमोंस्ट्रेशन प्लॉट विकसित किए गए हैं।
कर्मचारी एवं श्रमिक कल्याण: मुख्यमंत्री श्रम अन्न योजना के तहत कारखाने में कैंटीन खोली गई है, जहां श्रमिकों को मात्र 5 रुपये में गर्म भोजन मिलता है। समय-समय पर हेल्थ चेकअप कैंप भी लगाए जाते हैं।
लगातार दो वर्षों के लिए यह राष्ट्रीय सम्मान मिलने से भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाने से जुड़े किसानों और कर्मचारियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।






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