1 अक्टूबर को रायपुर में भारतीय मजदूर संघ का प्रदेश स्तरीय महाधरना, 25 हजार से अधिक श्रमिक होंगे शामिल...

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की क़लम से :-
रायपुर: भारतीय मजदूर संघ (BMS), छत्तीसगढ़ प्रदेश द्वारा श्रमिकों एवं कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं एवं मांगों को लेकर 1 अक्टूबर 2026 को रायपुर के टूटा क्षेत्र में प्रदेश स्तरीय महारैली, धरना एवं प्रदर्शन का आह्वान किया गया है।
महारैली की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष शोभा सिंह देव द्वारा की जाएगी। कार्यक्रम का उद्घाटन भारतीय मजदूर संघ के अखिल भारतीय मंत्री एवं विद्युत क्षेत्र प्रभारी राधेश्याम जायसवाल करेंगे। महारैली को अखिल भारतीय सदस्य एवं सह-प्रभारी दिनेश पांडे संबोधित करेंगे तथा कार्यक्रम का संचालन प्रदेश महामंत्री शंखध्वनि सिंह बन्नाफर द्वारा किया जाएगा। इसके साथ ही विभिन्न महासंघों के पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्र के श्रमिकों से जुड़े प्रमुख मुद्दों एवं मांगों को महारैली के मंच से शासन के समक्ष रखेंगे।
25 हजार से अधिक श्रमिकों की भागीदारी:
प्रदेश स्तरीय इस महारैली में 20 महासंघों एवं 33 जिला प्रभारियों के नेतृत्व में उनकी कार्यकारिणी, विभिन्न संबद्ध संगठनों के पदाधिकारी तथा प्रदेशभर से बीएमएस के कार्यकर्ता एवं सदस्य शामिल होंगे। महारैली में 25 हजार से अधिक श्रमिकों एवं कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है, जो एकजुट होकर 59 सूत्रीय मांगों को शासन के समक्ष उठाएंगे।
ये हैं प्रमुख मुद्दे एवं मांगें: -
श्रमिक वेतन एवं सामाजिक सुरक्षा: ₹30,000 न्यूनतम मासिक वेतन, समान कार्य-समान वेतन, ESI की सीमा ₹21,000 से बढ़ाकर ₹42,000 करने, EPF सीमा ₹15,000 से बढ़ाकर ₹30,000 करने, बोनस सीमा में वृद्धि, EPS पेंशन ₹7,500 + महंगाई भत्ता एवं चिकित्सा सुविधा तथा ग्रेच्युटी की सीमा ₹30 लाख करने की मांग।
आंगनबाड़ी, आशा एवं मितानिन: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को शासकीय कर्मचारी का दर्जा, सम्मानजनक वेतन एवं सामाजिक सुरक्षा तथा आशा, मितानिन एवं संबंधित कर्मियों के लिए ₹26,000 से ₹48,000 तक पदानुसार वेतन, वार्षिक वेतनवृद्धि, EPF, ESI एवं पेंशन की मांग।
मध्यान्ह भोजन रसोइया: घोषित 50 प्रतिशत मानदेय वृद्धि लागू करने, 12 माह का मानदेय, EPF एवं पेंशन, दुर्घटना मुआवजा तथा लंबित मानदेय के भुगतान की मांग।
राज्य एवं नगरीय निकाय कर्मचारी: 1 जनवरी 2026 से लंबित 2 प्रतिशत महंगाई भता/महंगाई राहत (एरियर सहित) प्रदान करने, चतुर्थ समयमान वेतनमान, 25 वर्ष की सेवा पर पूर्ण पेंशन, नगरीय निकाय कर्मचारियों का नियमितीकरण, पुरानी पेंशन, 7वें वेतनमान का एरियर तथा ₹18 लाख तक कैशलेस चिकित्सा सुविधा की मांग।
बिजली एवं कोल कर्मचारी: 1 अप्रैल 2004 के बाद नियुक्त बिजली कर्मचारियों एवं अधिकारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना, संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण तथा कोल इंडिया में 12वें वेतन समझौते के लिए JBCCI का गठन एवं ठेका मजदूरों के लिए समान कार्य-समान वेतन की मांग।
औद्योगिक सुरक्षा एवं पर्यावरण: राज्य एवं जिला स्तर पर औद्योगिक सुरक्षा समितियों का गठन, इनमें श्रमिक प्रतिनिधियों की भागीदारी, औद्योगिक दुर्घटनाओं की रोकथाम तथा पर्यावरण प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण की मांग।
निर्माण एवं परिवहन मजदूर: ट्रेड यूनियनों की मान्यता, निजी परिवहन श्रमिकों के लिए वेलफेयर बोर्ड, रेलवे स्टेशनों पर ऑटो, टैक्सी एवं ई-रिक्शा के लिए स्थायी पार्किंग तथा गैर-कानूनी बाइक सेवाओं पर कार्रवाई की मांग।
1 अक्टूबर को 59 मांगें रहेंगी केंद्र में:
भारतीय मजदूर संघ का कहना है कि ये 59 सूत्रीय मांगें प्रदेश के विभिन्न श्रमिक एवं कर्मचारी वर्गों के वेतन, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा, पेंशन, स्वास्थ्य, सेवा-सुरक्षा एवं सम्मान से जुड़ी हुई हैं। 1 अक्टूबर को प्रदेशभर के श्रमिक एवं कर्मचारी इन्हीं मांगों को लेकर रायपुर में एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करेंगे।






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