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बद्रीनाथ धाम दान सामग्री चोरी: CCTV फुटेज से पकड़ा गया.....

Aug 8
4 min read

ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-

बद्रीनाथ उत्तराखंड के प्रसिद्ध बद्रीनाथ मंदिर में चढ़ावे और दान से जुड़ी वस्तुओं की कथित चोरी के मामले में पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने एक सिक्योरिटी गार्ड को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी को मंदिर परिसर में लगे CCTV कैमरों की फुटेज में कथित तौर पर दान सामग्री में से कुछ सामान लेते हुए देखा गया था। मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान मनोज कुमार के रूप में हुई है। वह जोशीमठ क्षेत्र में JP पावर वेंचर्स लिमिटेड के हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट लाम बगड़ बैराज में सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर काम करता था। पुलिस के अनुसार, कंपनी के अधिकारियों ने उसे बद्रीनाथ मंदिर भेजा था, जहां उसे कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों के मेहमानों और रिश्तेदारों के लिए VIP दर्शन की व्यवस्था कराने की जिम्मेदारी दी गई थी।


CCTV फुटेज से सामने आया मामला पुलिस के अनुसार, मंदिर में चढ़ावे और दान से जुड़ी वस्तुओं के गायब होने की शिकायतों के बाद मामले की जांच के लिए SIT गठित की गई थी। जांच के दौरान मंदिर परिसर और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज को खंगाला गया। इसी दौरान जांच टीम को कथित तौर पर ऐसी फुटेज मिली, जिसमें मनोज कुमार मंदिर में मौजूद दान सामग्री में से कुछ सामान लेते हुए दिखाई दिया। फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपी की पहचान की और उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।


पुलिस का कहना है कि CCTV फुटेज मामले की जांच में अहम सुराग साबित हुई है। इसके आधार पर आरोपी की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। VIP दर्शन की व्यवस्था के लिए मंदिर भेजा गया था जांच में सामने आया है कि मनोज कुमार की ड्यूटी मूल रूप से लाम बगड़ बैराज परियोजना में सुरक्षा गार्ड के रूप में थी। परियोजना के अधिकारियों ने उसे बद्रीनाथ मंदिर भेजा था ताकि कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों के मेहमानों और रिश्तेदारों के लिए VIP दर्शन की व्यवस्था कराई जा सके। बद्रीनाथ मंदिर से जुड़े इस मामले को गंभीरता से लेते हुए SIT द्वारा जांच की जा रही है। टीम मंदिर में दान और चढ़ावे से संबंधित वस्तुओं के रखरखाव, सुरक्षा व्यवस्था और उनकी आवाजाही से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर सकती है। जांच के दौरान CCTV फुटेज के अलावा अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को भी देखा जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कितनी वस्तुएं कथित तौर पर गायब हुईं और उनकी अनुमानित कीमत कितनी है। इसके साथ ही आरोपी से पूछताछ कर यह जानकारी जुटाई जा रही है कि कथित तौर पर ली गई वस्तुओं का उसने क्या किया और क्या इन्हें कहीं छिपाया या किसी अन्य व्यक्ति को सौंपा गया। मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठे सवाल बद्रीनाथ मंदिर देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है और यहां हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मंदिर में चढ़ावा और दान श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा विषय है।


ऐसे में दान सामग्री की सुरक्षा को लेकर सामने आया मामला मंदिर प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। घटना के बाद मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा किए जाने की संभावना है। पुलिस और मंदिर प्रशासन यह सुनिश्चित करने की कोशिश करेंगे कि दान और चढ़ावे से जुड़ी सामग्री तक अनधिकृत पहुंच न हो। CCTV कैमरों की निगरानी और सुरक्षा कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा सकती है। विशेष रूप से उन लोगों की गतिविधियों पर नजर रखने की जरूरत होगी, जिन्हें किसी विशेष उद्देश्य से मंदिर परिसर में प्रवेश की अनुमति मिलती है। आरोपी की भूमिका की हो रही जांच मनोज कुमार की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसकी भूमिका से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। फिलहाल पुलिस ने CCTV फुटेज के आधार पर उसकी कथित गतिविधियों को जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है। जांच टीम यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी को मंदिर में VIP दर्शन की व्यवस्था के लिए भेजे जाने के दौरान किस अधिकारी या कर्मचारी से निर्देश मिले थे। इसके अलावा उसके मंदिर में आने-जाने और वहां रहने की अवधि से जुड़े रिकॉर्ड भी खंगाले जा सकते हैं। यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। दान सामग्री की सुरक्षा पर फोकस धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई जाने वाली सामग्री और दान की सुरक्षा बेहद संवेदनशील विषय है।


बद्रीनाथ जैसे प्रमुख धाम में रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और बड़ी मात्रा में चढ़ावा आता है। इसलिए दान सामग्री की सुरक्षित निगरानी और उसका व्यवस्थित रखरखाव महत्वपूर्ण है। SIT की जांच का एक अहम पहलू यह भी हो सकता है कि मंदिर में दान सामग्री की निगरानी के लिए कौन-कौन से सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू हैं और उनका पालन किस स्तर तक किया जाता है। आगे की जांच से सामने आएगी पूरी तस्वीर फिलहाल पुलिस ने सिक्योरिटी गार्ड मनोज कुमार को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। CCTV फुटेज के आधार पर सामने आई कथित गतिविधियों की पुष्टि के लिए SIT अन्य साक्ष्यों को भी जुटा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि मंदिर से वास्तव में कितनी दान सामग्री गायब हुई, उसका क्या मूल्य है और इस मामले में आरोपी की भूमिका कितनी व्यापक है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना में सिर्फ एक व्यक्ति शामिल था या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क था। फिलहाल SIT की कार्रवाई और आरोपी से पूछताछ पर सभी की नजर बनी हुई है।

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