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6 परियोजना-सह-संसाधन केंद्रों के भवन निर्माण को ₹2.70 करोड़ की स्वीकृति...

51 minutes ago
2 min read
  • मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से छह परियोजना-सह-संसाधन केंद्रों के भवनों को मंजूरी |

  • तीन जिलों में 2.70 करोड़ रुपये से बनेंगे भवन, विभागीय सेवाओं और योजनाओं के मैदानी क्रियान्वयन को मिलेगी मजबूती |

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की कलम से :-

रायपुर :- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। इसी कड़ी में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के विशेष प्रयासों से प्रदेश के 6 'परियोजना-सह-संसाधन केंद्रों' के भवन निर्माण को प्रशासकीय स्वीकृति मिल गई है। राज्य शासन ने इन भवनों के लिए कुल ₹2.70 करोड़ (2,70,90,000 रुपये) की राशि मंजूर की है, जिसके तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली किस्त के रूप में ₹67.72 लाख (67,72,500 रुपये) जारी करन की सहमति दी गई है। इस पहल से मैदानी स्तर पर जनकल्याणकारी योजनाओं और सुविधाओं का क्रियान्वयन और अधिक मजबूत होगा।


नए भवन सूरजपुर जिले के भैयाथान और ओड़गी, रायगढ़ जिले के तमनार तथा बीजापुर जिले के बीजापुर, उसूर और भोपालपटनम में बनाए जाएंगे। प्रत्येक भवन के निर्माण के लिए 45 लाख 15 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं।


महिला एवं बाल विकास विभाग महिलाओं और बच्चों के विकास, स्वास्थ्य, पोषण तथा उनके अधिकारों और हितों के संरक्षण से जुड़ी अनेक योजनाओं और सेवाओं का संचालन करता है। परियोजना-सह-संसाधन केंद्र इन योजनाओं के मैदानी क्रियान्वयन, विभागीय अमले के समन्वय और सेवाओं की निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप भवनों का निर्माण विभागीय कार्यों के संचालन के लिए बेहतर और व्यवस्थित सुविधा उपलब्ध कराएगा।


यह स्वीकृति केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि महिला एवं बाल विकास सेवाओं को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बेहतर आधारभूत सुविधा से विभागीय अमले को योजनाओं के क्रियान्वयन और हितग्राहियों से जुड़े कार्यों में सहूलियत मिलेगी। साथ ही, महिलाओं और बच्चों तक शासन की कल्याणकारी योजनाओं तथा सेवाओं की पहुंच आसान बनाने में मदद मिलेगी। दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में विभागीय गतिविधियों को मजबूत करने से शासन की जनकल्याणकारी पहलें अधिक व्यवस्थित रूप से लोगों तक पहुंच सकेंगी।


शासन के आदेश के अनुसार, अगली किस्त के प्रस्ताव के साथ प्रथम किस्त के उपयोग का प्रमाण-पत्र तथा निर्माण कार्य की भौतिक और वित्तीय प्रगति का विवरण प्रस्तुत करना होगा। स्वीकृत राशि का उपयोग निर्धारित व्यय सीमा और शासन के नियमों के अनुरूप किया जाएगा।

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