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कृषि विश्वविद्यालय का एंटोमोलॉजी पेपर लीक, छात्र आंदोलनों के बावजूद नहीं सुधरी व्यवस्था-अभिषेक मिश्रा, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष आप.....

Aug 22
3 min read
  • छत्तीसगढ़ में पेपर लीक का सिलसिला लगातार जारी, पेपर लीक रोकने में सरकार नाकाम - अभिषेक मिश्रा, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष आप.....

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की क़लम से -

रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर में बीएससी एग्रीकल्चर सेकेंड ईयर के एंटोमोलॉजी (कीट विज्ञान) विषय का प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से करीब दो घंटे पहले सोशल मीडिया पर वायरल होने का मामला सामने आने पर आम आदमी पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक मिश्रा ने कहा कि 20 अगस्त को सुबह 10 बजे होने वाली परीक्षा का पेपर करीब 8 बजे छात्रों के बीच पहुंचने की खबर से विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।


उन्होंने कहा है कि यह महज एक पेपर का मामला नहीं, बल्कि प्रदेश की परीक्षा व्यवस्था में लगातार सामने आ रही लापरवाहियों का परिणाम है। छात्रों के आंदोलनों और पूर्व में सामने आए विवादों के बावजूद यदि परीक्षा से दो घंटे पहले प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर पहुंच जाता है, तो यह विश्वविद्यालय प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न है। विवाद के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने संबंधित प्रश्नपत्र को रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने का फैसला किया है।


छत्तीसगढ़ में पेपर लीक का सिलसिला लगातार जारी...

अभिषेक मिश्रा ने बताया कि प्रदेश में पेपर लीक और परीक्षा संबंधी गड़बड़ियों की घटनाओं का लंबा सिलसिला बन चुका है। CGPSC राज्य सेवा परीक्षा 2021 में पेपर लीक और प्रभावशाली लोगों को अनुचित लाभ पहुंचाने के आरोपों की CBI जांच और चार्जशीट सामने आ चुकी है। इसके अलावा पटवारी से राजस्व निरीक्षक (RI) पदोन्नति परीक्षा 2024 में भी परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक होने का मामला सामने आया। ACB/EOW की कार्रवाई में अधिकारियों की गिरफ्तारी और बाद में चार्जशीट की कार्रवाई तक हुई।


2025 में छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (CSVTU) की फार्मेसी चौथे सेमेस्टर की फार्माकोलॉजी-1 परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने के बाद परीक्षा स्थगित करनी पड़ी थी। इसी वर्ष गरियाबंद में ओपन परीक्षा के दौरान 10वीं कक्षा का गृह विज्ञान का प्रश्नपत्र भी परीक्षा से पहले लीक होने का मामला सामने आया और केंद्राध्यक्ष सहित तीन कर्मचारियों को निलंबित किया गया। जुलाई 2026 में भी छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में स्थित गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय (GGU) में BA-LLB छठवें सेमेस्टर का पेपर लीक होने का बड़ा मामला सामने आया था।


उन्होंने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि एक तरफ सरकार पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था के दावे करती है, दूसरी तरफ परीक्षा से ठीक पहले प्रश्नपत्र छात्रों के मोबाइल तक पहुंच रहे हैं। आखिर इस पूरे सिस्टम की जवाबदेही किसकी है ?


आम आदमी पार्टी ने सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि :

  1. एंटोमोलॉजी पेपर लीक मामले की स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।

  2. प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले किस स्तर से बाहर आया, इसकी डिजिटल और तकनीकी जांच कराई जाए।

  3. दोषी अधिकारी, कर्मचारी अथवा अन्य जिम्मेदार व्यक्ति की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जाए।

  4. प्रभावित छात्रों की परीक्षा दोबारा पूरी पारदर्शिता और सुरक्षित व्यवस्था के साथ कराई जाए।

  5. प्रदेश की सभी विश्वविद्यालयों एवं भर्ती परीक्षाओं में प्रश्नपत्रों की सुरक्षा व्यवस्था की समग्र समीक्षा की जाए।

  6. पूर्व में सामने आए पेपर लीक मामलों की जांच की स्थिति सार्वजनिक कर दोषियों पर हुई कार्रवाई की जानकारी जनता और छात्रों को दी जाए।


आम आदमी पार्टी ने चेतावनी दी कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि मेहनत से परीक्षा की तैयारी करने वाले लाखों छात्रों का भविष्य कुछ लोगों की लापरवाही और भ्रष्ट व्यवस्था की भेंट न चढ़े।

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