दिव्यांग बच्चों के संग गरबा और कन्या पूजन का भव्य आयोजन...

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की कलम से :-
रायपुर: शारदीय नवरात्र के पावन पर्व पर प्रत्युषा फाउंडेशन द्वारा कोपलवाणी सिमरिया स्थित मूक-बधिर शाला में एक अनूठी और प्रेरणादायी पहल देखने को मिली। संस्था द्वारा आयोजित इस चौथे वार्षिक कार्यक्रम में दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से गरबा, कन्या पूजन और भोज का आयोजन किया गया।

संस्था की ओर से जानकारी दी गई कि उत्सव से पहले बच्चों को तीन दिनों तक गरबा का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। पर्व के दौरान नौ कन्याओं और दो बालकों (लंगूर स्वरूप) का पूजन कर उन्हें उपहार स्वरूप डांडिया भेंट किए गए। इसके बाद अतिथियों, शिक्षकों और सदस्यों ने बच्चों के साथ मिलकर उत्साह के साथ गरबा खेला। इस पूरे आयोजन का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और उनमें आत्मविश्वास जगाना रहा।
समारोह की शुरुआत में विद्यार्थियों और प्रबंधकों ने अतिथियों का तिलक लगाकर स्वागत किया। इसके बाद दीप प्रज्वलन और कन्या पूजन संपन्न हुआ। बच्चों ने मनमोहक स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में पधारे विशिष्ट अतिथियों का सम्मान शाल, श्रीफल और दिव्यांग बच्चों द्वारा अपने हाथों से तैयार की गई खूबसूरत पेंटिंग्स वाले स्मृति चिह्नों से किया गया। इस दौरान पूरा परिसर भक्ति भाव, उल्लास और आत्मीयता से सराबोर नजर आया।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन अल्पसंख्यक आयोग के अमरजीत सिंह छाबड़ा, भाजपा महिला मोर्चा से डॉ. नीतू सिंह, विजय मनवानी, पद्मा शर्मा और खुशबू शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी गणमान्य अतिथियों ने इस सामाजिक पहल की सराहना की और बच्चों का हौसला बढ़ाया।
इस सफल आयोजन के पीछे प्रत्युषा फाउंडेशन की अध्यक्ष सुमन पांडे और संस्थापिका प्रीति दास का मार्गदर्शन रहा। साथ ही, अर्चना वोरा, विद्या भट्ट, लक्ष्मी जिल्हारे, रितु प्रजापति, सोनिया सिंह और कमल प्रजापति का विशेष योगदान देखने को मिला। संस्था का यह भी मानना है कि समाज के प्रत्येक नागरिक को इन विशेष बच्चों से संवाद स्थापित करने के लिए सांकेतिक भाषा का बुनियादी ज्ञान जरूर होना चाहिए।






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