अकलतरा के सतनाम मंदिर पचरी धाम से प्राचीन कलश सहित करीब 46,500 रुपये की सामग्री चोरी...

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-
अकलतरा :- जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा स्थित सतनामी समाज की आस्था के प्रमुख केंद्र सतनाम मंदिर पचरी धाम से प्राचीन कलश सहित अन्य सामग्री चोरी होने का मामला सामने आया है। घटना से ग्रामीणों एवं सतनामी समाज के लोगों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने थाना प्रभारी अकलतरा को लिखित आवेदन सौंपकर मामले की जांच, चोरी गई सामग्री की बरामदगी और दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

ग्रामीणों के आवेदन के अनुसार, मंदिर में वर्ष 1945 से पूजा-अर्चना की परंपरा चली आ रही है। मंदिर से 17 अक्टूबर 2026 को लगभग पांच किलोग्राम वजन का प्राचीन काशा धातु का कलश चोरी होने की जानकारी दी गई है। ग्रामीणों ने मंदिर परिसर में पूर्व में भी सिंटेक्स टंकी, एलईडी बल्ब और रेलिंग को नुकसान पहुंचाए जाने की घटनाओं का उल्लेख करते हुए मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता जताई है।

करीब 46,500 रुपये की सामग्री चोरी होने का दावा-
ग्रामीणों द्वारा दिए गए विवरण के अनुसार, चोरी गई सामग्री में प्राचीन कलश की कीमत 17,500 रुपये, 1000 लीटर की सिंटेक्स टंकी एवं पाइप की कीमत 12,000 रुपये, दो एलईडी बल्ब की कीमत 4,000 रुपये, ग्रीन स्टील की गोलाकार रेलिंग एवं पाइप की कीमत 5,000 रुपये, लाउडस्पीकर चोंगा एवं यूनिट की कीमत 5,300 रुपये तथा लगभग 700 फीट बिजली तार की कीमत 3,000 रुपये बताई गई है। इस प्रकार कुल नुकसान लगभग 46,500 रुपये होता है।
निष्पक्ष जांच और कलश की बरामदगी की मांग-
ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से चोरी की घटना की गंभीरता से जांच करने, मंदिर परिसर एवं आसपास उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल करने और चोरी में संलिप्त व्यक्तियों की पहचान कर कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही, पूर्व में मंदिर परिसर में हुई कथित नुकसान पहुंचाने की घटनाओं की भी जांच करने का आग्रह किया है।
ग्रामीणों का कहना है कि सतनाम मंदिर पचरी धाम क्षेत्र के श्रद्धालुओं की आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र है। ऐसे धार्मिक स्थल से प्राचीन कलश सहित अन्य सामग्री चोरी होना चिंताजनक है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मंदिर की सुरक्षा सुनिश्चित करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की अपील की है।
फिलहाल ग्रामीणों को पुलिस प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार है। मामले में जांच के बाद ही चोरी की घटना और पूर्व में हुई क्षति से जुड़े तथ्यों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।






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