हाथियों के खौफ के बीच किसान की जान गई, कोरबा में 52 गजराजों का डेरा...

ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-
कोरबा जिले के कटघोरा संभाग अंतर्गत पसान अंचल में हाथी और इंसान के बीच चल रहा संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा हादसे में फसल की रखवाली करने गए एक अन्नदाता की जान चली गई है। मृतक की शिनाख्त 42 वर्षीय प्रताप के तौर पर हुई है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, पसान इलाके के इस ग्रामीण को अपनी पकी हुई धान की फसल की फिक्र सता रही थी। क्षेत्र में इन दिनों हाथियों का भारी आतंक बना हुआ है, जो खेतों में पहुंचकर फसलों को चट कर रहे हैं और पैरों तले कुचलकर बर्बाद कर रहे हैं। इसी डर के बीच प्रताप बीती रात अपने खेतों की तरफ गए थे। बताया जा रहा है कि अंधेरे में अचानक हुई हलचल के दौरान वे संतुलन खोकर जमीन पर औंधे मुंह गिर पड़े और गंभीर रूप से जख्मी हो गए। हालांकि, उन्हें सीधे किसी गजराज ने कुचला या फिर भागने के क्रम में चोटें आईं, इसकी पुष्टि डॉक्टरी जांच के बाद ही हो सकेगी।
गंभीर हालत में परिजनों व स्थानीय लोगों ने उन्हें फौरन बिलासपुर के सिम्स अस्पताल पहुंचाया, जहां उपचार के दौरान उनकी सांसें थम गईं। इस हृदयविदारक हादसे के बाद से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
52 हाथियों का बड़ा दल कर रहा है विचरण -
इस पूरे इलाके में इन दिनों करीब 52 जंगली हाथियों का एक बड़ा झुंड लगातार घूम रहा है। पानी और भोजन की तलाश में ये गजराज अक्सर रिहायशी बस्तियों और खेतों का रुख कर रहे हैं। फसल कटाई के मुहाने पर है, ऐसे में हाथियों के दल द्वारा खेतों को तहस-नहस किए जाने से किसानों की रातों की नींद उड़ गई है। अपनी सालभर की मेहनत बचाने के फेर में ग्रामीण कई बार अपनी जान जोखिम में डालकर खेतों की तरफ निकल पड़ते हैं, जो घातक साबित हो रहा है।
प्रशासन और वन विभाग मुस्तैद -
घटना की सूचना मिलते ही महकमे में हड़कंप मच गया है। वन अमला और स्थानीय अमला लगातार हाथियों की लोकेशन पर नजर बनाए हुए है ताकि समय रहते लोगों को सतर्क किया जा सके। विभाग की तरफ से बार-बार अपील की जा रही है कि कोई भी ग्रामीण गजराजों के करीब न जाए और उन्हें खुद भगाने का जोखिम बिल्कुल न उठाए। फिलहाल पुलिस और प्रशासनिक टीम मामले की छानबीन कर रही है कि आखिर किन परिस्थितियों में यह दुर्घटना घटी।






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