ICICI Bank का Q2 में जबरदस्त मुनाफा, 20% बढ़कर 14,843 करोड़ रुपये पहुंचा...

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :- नई दिल्ली :- निजी क्षेत्र के प्रमुख बैंक आईसीआईसीआई बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के शानदार नतीजे घोषित किए हैं। जुलाई से सितंबर 2026 के दौरान बैंक का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 20.1 प्रतिशत बढ़कर 14,843 करोड़ रुपये पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में बैंक ने 12,359 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। मजबूत कर्ज वृद्धि, ब्याज से होने वाली आय में बढ़ोतरी और शुल्क से बेहतर कमाई ने बैंक के वित्तीय प्रदर्शन को मजबूती दी है। बैंक ने 17 अक्टूबर 2026 को निदेशक मंडल की बैठक के बाद अपने तिमाही नतीजों की घोषणा की। कंपनी का मुनाफा बाजार के अनुमानों से भी बेहतर रहा है। इससे बैंक की कारोबारी वृद्धि और वित्तीय स्थिति को लेकर सकारात्मक संकेत मिले हैं।
आईसीआईसीआई बैंक की शुद्ध ब्याज आय यानी नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) दूसरी तिमाही में 17.7 प्रतिशत बढ़कर 25,339 करोड़ रुपये हो गई। पिछले वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 21,529 करोड़ रुपये था। शुद्ध ब्याज आय किसी भी बैंक की मुख्य कमाई का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है। यह बैंक को दिए गए कर्ज पर मिलने वाले ब्याज और ग्राहकों की जमा राशि पर दिए जाने वाले ब्याज के बीच का अंतर दर्शाती है। हालांकि, बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन 4.18 प्रतिशत रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 4.30 प्रतिशत था।
बैंक की ब्याज से इतर आय, ट्रेजरी आय को छोड़कर, 12.5 प्रतिशत बढ़कर 8,277 करोड़ रुपये रही। पिछले साल इसी अवधि में यह 7,356 करोड़ रुपये थी। वहीं, शुल्क से होने वाली आय 20.1 प्रतिशत बढ़कर 7,795 करोड़ रुपये पहुंच गई। पिछले वर्ष यह 6,491 करोड़ रुपये थी। खुदरा, ग्रामीण और बिजनेस बैंकिंग ग्राहकों से मिलने वाली फीस का कुल शुल्क आय में लगभग 75 प्रतिशत योगदान रहा।
सितंबर 2026 के अंत तक आईसीआईसीआई बैंक का कुल लोन पोर्टफोलियो सालाना आधार पर 30 प्रतिशत बढ़कर 18,31,580 करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं, कुल जमा राशि 27.1 प्रतिशत बढ़कर 20,49,874 करोड़ रुपये रही। बैंक के कोर ऑपरेटिंग प्रॉफिट में भी 21.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और यह 20,805 करोड़ रुपये पहुंच गया। ये आंकड़े बैंक के कारोबार में विस्तार को दर्शाते हैं।
बैंक की संपत्ति गुणवत्ता के मामले में भी सकारात्मक स्थिति सामने आई है। सितंबर 2026 के अंत में शुद्ध एनपीए अनुपात 0.30 प्रतिशत दर्ज किया गया। वहीं, दूसरी तिमाही में प्रावधानों की राशि 851 करोड़ रुपये रही, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 914 करोड़ रुपये से कम है। कम प्रावधान बैंक की लाभप्रदता के लिए सहायक साबित हो सकते हैं। हालांकि, भविष्य में कर्ज की गुणवत्ता और ब्याज मार्जिन की स्थिति पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।
आईसीआईसीआई बैंक के तिमाही नतीजे मजबूत परिचालन प्रदर्शन का संकेत देते हैं। शुद्ध मुनाफे, ब्याज आय और शुल्क से होने वाली कमाई में बढ़ोतरी से बैंक की वित्तीय स्थिति को समर्थन मिला है। विशेषज्ञों की नजर अब बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन, कर्ज वृद्धि और आने वाली तिमाहियों के प्रदर्शन पर रहेगी। मजबूत मुनाफा निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत हो सकता है, लेकिन शेयर बाजार में निवेश के फैसले केवल एक तिमाही के नतीजों के आधार पर नहीं किए जाने चाहिए |
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