महज 900 ग्राम के फरिश्ता बने बच्चे को मिला पुनर्जीवन, जिला अस्पताल की टीम ने दिखाया कमाल.....

ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के सरकारी अस्पताल में एक ऐसा चमत्कार देखने को मिला जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। महज 900 ग्राम वजन और सांस की गंभीर समस्या के साथ दुनिया में कदम रखने वाले एक नवजात को डॉक्टरों और नर्सों ने दो महीने की कड़ी मेहनत के बाद सुरक्षित बचा लिया है। चुकतीपानी गांव के इस मासूम के लिए जन्म के बाद का सफर बेहद कांटों भरा था, क्योंकि उसे खून की कमी (एनीमिया) और सांस लेने में भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा था।
परिस्थितियों की गंभीरता को भांपते हुए अस्पताल की विशेष नवजात देखभाल इकाई (एसएनसीयू) में उसे तुरंत भर्ती किया गया। यहां लगातार दो हफ्तों तक बच्चे को ऑक्सीजन पर रखना पड़ा और जरूरत पड़ने पर दो यूनिट ब्लड भी चढ़ाया गया। डॉक्टरों ने कंगारू मदर केयर और विशेष पोषण तकनीक के जरिए उसकी एक-एक सांस पर नजर रखी। चिकित्सा टीम के इस अटूट समर्पण का ही नतीजा रहा कि बच्चे का वजन 900 ग्राम से बढ़कर अब 1.35 किलोग्राम हो गया है और पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद उसे घर भेज दिया गया है।
वनांचल इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं के दावों के बीच जिला अस्पताल की यह कामयाबी एक बड़ी मिसाल बन गई है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी के मार्गदर्शन और शिशु रोग विशेषज्ञों की टीम ने यह साबित कर दिया है कि लगन और सही इलाज मिल जाए, तो सरकारी अस्पताल भी किसी जीवनदान से कम नहीं साबित होते। मासूम की यह किलकारी अब स्वास्थ्य महकमे के उन तमाम प्रयासों की सफलता की कहानी कह रही है, जो अंतिम छोर तक इलाज पहुंचाने का दम भरते हैं।






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