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मलेरिया पर निर्णायक प्रहार जारी, एक भी मृत्यु न हो यही हमारा लक्ष्य : स्वास्थ्य मंत्री....

Jul 30
3 min read
  • प्रदेश में एनॉलॉग पनीर पर प्रभावी प्रतिबंध सुनिश्चित करने के निर्देश, मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान से 34 लाख से अधिक लोगों की हुई स्वास्थ्य जांच......

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की कलम से :-

रायपुर, 30 जुलाई 2026 स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा है कि प्रदेश सरकार दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से बस्तर अंचल में संचालित मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं, जिसके माध्यम से लाखों लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंची हैं तथा गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान और उपचार संभव हुआ है।

रायपुर में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के अंतर्गत 34.29 लाख से अधिक नागरिकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जो लक्षित आबादी का लगभग 99 प्रतिशत है। अभियान के दौरान मलेरिया, टीबी, सिकल सेल, कुष्ठ रोग, मुख कैंसर सहित अन्य गंभीर बीमारियों की पहचान कर समय पर उपचार प्रारंभ किया गया। वहीं 60 हजार से अधिक गंभीर मरीजों को उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया गया तथा 10,938 उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं की विशेष निगरानी और उपचार सुनिश्चित किया गया।

उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में मलेरिया के कुछ मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी सतर्कता के साथ कार्य कर रहा है। प्रदेश के स्वास्थ्य कार्यकर्ता, मितानिन, एएनएम और मैदानी अमला गांव-गांव पहुंचकर जांच, उपचार, सर्वेक्षण और जनजागरूकता गतिविधियों का संचालन कर रहे हैं। मलेरिया नियंत्रण एवं उन्मूलन के लिए विभाग द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मलेरिया से एक भी मृत्यु न हो, यही हमारा लक्ष्य है। इसके लिए समय पर जांच, त्वरित उपचार, सतत निगरानी और सामुदायिक जागरूकता पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि रणनीतिक कार्ययोजना, सतत निगरानी और जनसहभागिता के परिणामस्वरूप बस्तर संभाग की मलेरिया पॉजिटिविटी दर 4.60 प्रतिशत से घटकर 0.48 प्रतिशत रह गई है। वहीं राज्य का वार्षिक परजीवी सूचकांक (एपीआई) 5.21 से घटकर 0.90 तक पहुंच गया है। यह उपलब्धि मलेरिया नियंत्रण की दिशा में स्वास्थ्य विभाग के सतत प्रयासों को दर्शाती है।


मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि विगत ढाई वर्षों में प्रदेश में 11.89 लाख से अधिक संस्थागत प्रसव सम्पन्न हुए हैं। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के माध्यम से गर्भवती महिलाओं की नियमित विशेषज्ञ जांच, उच्च जोखिम गर्भावस्थाओं की पहचान तथा आवश्यक उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है।


आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए प्रदेश में 375 नई 108 संजीवनी एक्सप्रेस एम्बुलेंस संचालित की गई हैं। जनवरी 2024 से जून 2026 के बीच 6.50 लाख से अधिक नागरिकों को समयबद्ध आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं, जिससे दुर्घटना, प्रसूति एवं अन्य आपात परिस्थितियों में त्वरित चिकित्सा सहायता सुनिश्चित हो सकी।


स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि गुणवत्तापूर्ण जांच सुविधाओं को आमजन तक पहुंचाने के लिए HLL Lifecare Limited के सहयोग से राज्य के 1,051 स्वास्थ्य संस्थानों में आधुनिक पैथोलॉजी जांच सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। हब एंड स्पोक मॉडल, आईटी आधारित रिपोर्टिंग प्रणाली एवं गुणवत्ता निगरानी व्यवस्था के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों को भी विश्वसनीय और समयबद्ध जांच सुविधियां उपलब्ध हो रही हैं।


उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ-साथ प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में प्रदेश के सभी 10 मेडिकल कॉलेजों में पैरामेडिकल पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाएंगे। इससे स्वास्थ्य संस्थानों के लिए आवश्यक तकनीकी एवं पैरामेडिकल मानव संसाधन उपलब्ध होंगे तथा प्रदेश के युवाओं को स्वास्थ्य क्षेत्र में रोजगारोन्मुखी शिक्षा एवं प्रशिक्षण के नए अवसर प्राप्त होंगे।


प्रेस कांफ्रेंस के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने खाद्य सुरक्षा को लेकर भी सख्त रुख अपनाते हुए प्रदेश में एनॉलॉग पनीर के उपयोग एवं विक्रय पर प्रभावी प्रतिबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है तथा खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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