जिला सहकारी मर्यादित बैंक पिरदा में भ्रष्टाचार का खुलासा
किसानों की सुविधाओं एवं उत्थान के लिए बनाई गई समिति एवं बैंक इसका पूरी तरह दुरुपयोग एक साइलेंट किलर की तरह कार्य कर कृषकों का आर्थिक व मानसिक दोहन कर रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला सहकारी बैंक पिरदा अंतर्गत आरंगी सोसाइटी में पंजीकृत कृषक नंदलाल नाग पिता चमरा नाग निवासी ग्राम विजयमाल ने अपने निजी भूमि का धान वर्ष 2019 में 83 कुंटल एवं 2020 में 44 क्विंटल धान बेचा, आरंग सोसाइटी के माध्यम से। जिसकी राशि नंदलाल नाग ने यह सोचकर अपने खाते में छोड़ रखा था कि नंदलाल ने उक्त बैंक से ट्रैक्टर ऋण पर लिया था जिसका भुगतान इसी राशि से होना था।

यह सोच कर कि मेरी राशि ट्रैक्टर के ऋण अदायगी में काट दी जाएगी।लेकिन बैंक द्वारा डिमांड नोटिस दिया गया जिसे देखकर की तब जाकर खुलासा होता है कि खाते से लगभग ₹300000 निकाल लिए गए हैं साथ में ₹52000 बोनस की राशि भी आहरण कर ली गई है।
इस प्रतिनिधि को स्वयं नंदलाल ने स्टांप एवं प्रेस विज्ञप्ति के द्वारा तथ्यों का वर्णन किया।
आश्चर्य का विषय है कि बिना खाता धारी के राशि आहरण कैसे हुआ?

कितने शातिराना तरीके से पैसा आहरित हुआ। खाता धारी एवं हस्ताक्षर के बिना पैसा कैसे आहरित हो सकता है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अरंगी सोसायटी का अध्यक्ष धनुर्जय प्रधान पिता हजारु लाल प्रधान उक्त समस्त राशि का आहरण कर लिया है। प्रश्न यह है कि इतनी आसानी से किसी और के खाते से राशि आहरित कैसे हो सकता है। यहां यह मामला संदिग्ध इसलिए है कि पिरदा शाखा बैंक में सहायक लेखापाल उसत प्रधान और धनुर्जय प्रधान में साला जीजा का रिश्ता है, तथा पूर्व बैंक मैनेजर हजारूप्रधान का दामाद है।

इस कारण से बड़ी आसानी से इस कांड को अंजाम दे दिया गया है। नियम कहता है कि बैंक में राशि आहरण हेतु जो पर्ची भरी जाती है उसका अवलोकन हस्ताक्षर मिलान बैंक मैनेजर या लेखापाल द्वारा होता है।उसत प्रधान द्वारा इस कार्य को बड़ी आसानी से अंजाम दे दिया गया । हम आपको बताते चलें कि अरंगी सोसायटी तथा पथराला सोसाइटी एवं पिरदा सोसाइटी हमेशा से सुर्खियों में रहे हैं।यहाँ नित नए भ्रष्टाचार के तरीके ईजाद किये जाते हैं। साथ में यह भी बताते चलें कि वर्ष 2005 में भी यही लेखापाल के कलम से ₹1500000 के भ्रष्टाचार आरंगी सोसाइटी के माध्यम से हुए। जिसमें कई कर्मचारी की बलि चढ़ा दी गई, लेकिन उसत प्रधान को बचा लिया गया इस तरह पिरदा बैंक एवं उनकी सोसाइटीयो का चोर चोर मौसेरे भाई जैसा संबंध है।
मिल रही सूचनाओं के आधार पर धनुर्जय प्रधान हजारों क्विंटल धान दूसरों के खाते में आरंगि एवं अन्य सोसायटियो में बेचता है।यह कारनामा स्वयं के अध्यक्षीय कार्यकाल में आंख मूंद कर रहा है। वैसे भी आरंगि सोसाइटी में हजारू प्रधान का हमेशा से दबदबा रहा है।

देखने वाली बात यह है कि यदि इस प्रकरण का सही निष्पक्ष जांच होता है तो और भी कई प्रकरण सामने आने की पूरी संभावना है।
पीड़ित कृषक नंदलाल नाग ने हमें बताया कि वह कलेक्टर महासमुंद एवं कृषि मंत्री से स्वयं मिलकर इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराएंगे।






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