नारी अस्मिता और सम्मान सर्वोपरि: योगी आदित्यनाथ ने दी विजयादशमी और महानवमी की शुभकामनाएं....

ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-
गोरखपुर में शारदीय नवरात्रि की महानवमी पर एक विशेष कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो टूक शब्दों में कहा कि महिला गरिमा के विरुद्ध किसी भी प्रकार का आचरण कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जिस धरती पर जगत जननी की आराधना होती हो, वहां मातृशक्ति का अपमान अक्षम्य है। पावन गोरखनाथ मंदिर परिसर में विधि-विधान के साथ कन्याओं और बटुकों का पूजन करने के बाद उन्होंने मीडिया से मुखातिब होकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
मातृशक्ति के उत्थान और सुरक्षा के लिए कड़े कदम -
शासन स्तर पर महिलाओं की हिफाजत और स्वावलंबन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इसी दिशा में 'मिशन शक्ति' का विस्तार करते हुए प्रदेश के हर थाने में विशेष महिला हेल्प डेस्क सक्रिय किए गए हैं। पुलिस विभाग में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के ठोस परिणाम सामने आए हैं, जिसके तहत महिला पुलिस कर्मियों की तादाद दस हजार से छलांग लगाकर पैंतालीस हजार के पार पहुँच चुकी है। इसके अलावा, पुलिस भर्तियों में बीस प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान महिलाओं को और अधिक सक्षम बना रहा है।
कल्याणकारी योजनाओं से बदल रही तस्वीर -
बेटियों के भविष्य को सुरक्षित और उज्जवल बनाने के लिए कई प्रभावी योजनाएं चलाई जा रही हैं। 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' से लेकर 'कन्या सुमंगला योजना' तक, बालिकाओं के जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक आर्थिक संबल प्रदान किया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत अब तक पच्चीस हजार रुपये की सहायता विभिन्न चरणों में दी जा रही है। वहीं, सामूहिक विवाह आयोजनों के जरिए पांच लाख से अधिक बेटियों के घर बसाए जा चुके हैं, जिसमें प्रत्येक जोड़े को एक लाख रुपये तक की मदद दी जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में 'बीसी सखी', 'ड्रोन दीदी' और 'लखपति दीदी' जैसी पहल महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बना रही हैं।
मंदिरों में उमड़ा आस्था का सैलाब -
प्रदेश भर में इस बार शारदीय नवरात्रि के दौरान लगभग पैंतालीस हजार स्थानों पर दुर्गा पूजा का भव्य आयोजन किया गया है। मां विंध्यवासिनी धाम में नवनिर्मित कॉरिडोर के बाद से श्रद्धालुओं की संख्या में अभूतपूर्व इजाफा देखने को मिल रहा है, जहां केवल एक दिन में पच्चीस लाख से अधिक भक्तों ने मत्था टेका। इसके अलावा देवीपाटन, शाकंभरी पीठ और ललिता देवी शक्तिपीठों पर भी भारी भीड़ उमड़ी, जिसके लिए प्रशासन द्वारा सुरक्षा और सुगम आवागमन के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं।
बुराइयों के दहन का संकल्प -
विजयादशमी के पावन पर्व की पूर्व संध्या पर समाज के नाम संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि यह दिन असत्य पर सत्य और अन्याय पर न्याय की जीत का प्रतीक है। रावण दहन के पारंपरिक उत्सव के साथ-साथ समाज को नशाखोरी, भ्रष्टाचार, अराजकता और राष्ट्र विरोधी ताकतों जैसी कुरीतियों से मुक्त कराने का संकल्प लेने का आह्वान किया गया है। त्योहारों को पूरी सुरक्षा, अनुशासन और आपसी सौहार्द के साथ मनाने की अपील करते हुए प्रदेशवासियों को महानवमी और विजयादशमी की अग्रिम बधाइयां दी गईं।






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