महासमुंद की महिलाएं गढ़ रहीं आत्मनिर्भरता के दीये, 17 सितंबर को रोशन होंगे 6 लाख 'आशीर्वाद के दीये'.....

ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-
महासमुंद (Mahasamund)। मिट्टी को आकार देती उंगलियां और आंखों में आत्मनिर्भरता का सपना लिए महासमुंद जिले की स्व-सहायता समूहों (SHG) की महिलाएं इन दिनों एक विशेष संकल्प को पूरा करने में जुटी हैं। उनके हाथों से आकार ले रहा हर दीया सिर्फ मिट्टी का दीपक नहीं, बल्कि स्वावलंबन और आभार की रोशनी का प्रतीक बन रहा है।
‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत आयोजित होने वाले ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम ने जिले की महिलाओं के जीवन में खुशियों का नया उजाला भर दिया है। दीयों के मिले बड़े ऑर्डर ने इन महिलाओं को दीपावली से पहले ही दीवाली मनाने का शानदार अवसर दे दिया है।
लड्डू गोपाल समूह को मिला 37 हजार दीयों का बड़ा ऑर्डर -
जिले के 'लड्डू गोपाल' स्व-सहायता समूह की महिलाओं को 37 हजार दीये बनाने का बड़ा ऑर्डर मिला है। इसके अलावा जिले के अन्य क्लस्टरों की दीदियों को भी बड़ी संख्या में दीयों के ऑर्डर प्राप्त हुए हैं।
खल्लारी क्लस्टर: 8,000 दीये
खम्हरिया क्लस्टर: 7,000 दीये
कोमाखान क्लस्टर: 10,000 दीये
तेंदुकोना क्लस्टर: 9,000 दीये
इन दीयों की कीमत 1 रुपये प्रति नग निर्धारित की गई है। महिलाओं के लिए यह सिर्फ अतिरिक्त आय का माध्यम नहीं है, बल्कि उनके हुनर को पहचान दिलाने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम भी है।
"हमारे हाथों का दीया बनेगा आभार का संदेश"
इस पहल से उत्साहित 'लड्डू गोपाल' समूह की अध्यक्ष भोज बाई चक्रधारी ने भावुक होते हुए कहा, "हम हमेशा से मिट्टी के दीये बनाते आए हैं, लेकिन इस बार इन दीयों के साथ हमारे मन की भावनाएं भी गहराई से जुड़ी हैं। जब हमारे हाथों से बने ये दीये एक साथ जलेंगे, तो वह पल हमारे लिए गर्व और असीम खुशी का होगा।"
समूह की अन्य सदस्याएं— रमा चक्रधारी, गायत्री सिन्हा, योगेश्वरी दीवान, कविता दीवान और सुनीता सिन्हा का कहना है कि उनके द्वारा तैयार किए जा रहे ये दीये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार और सेवा-संकल्प की भावना का संदेश लेकर रोशनी फैलाएंगे। महिलाओं ने कहा कि यह उनके लिए केवल एक व्यावसायिक कार्य नहीं है, बल्कि अपने श्रम और हुनर के जरिए एक बड़े सामाजिक आयोजन में सहभागी बनने का गौरवपूर्ण अवसर है।
17 सितंबर को महासमुंद में जलेंगे 6 लाख "आशीर्वाद के दीये"
उल्लेखनीय है कि 17 सितंबर की शाम महासमुंद जिले में एक भव्य आयोजन के तहत 6 लाख ‘आशीर्वाद के दीये’ प्रज्वलित किए जाएंगे। इस अवसर पर जिले के मंदिरों, चौक-चौराहों, ग्राम पंचायतों, पीडीएस भवनों और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों के साथ-साथ घर-घर में दीया जलाने का आह्वान किया गया है।
जब 17 सितंबर की शाम ये लाखों दीये एक साथ जगमगाएंगे, तो उनकी रोशनी में न केवल सेवा का संकल्प झलकेगा, बल्कि उन हजारों महिलाओं के श्रम की चमक भी दिखाई देगी जिन्होंने दिन-रात मेहनत कर इन्हें अपने हाथों से गढ़ा है।





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