CGPSC में खाली कुर्सी बनी मुसीबत: 500 से ज्यादा पदों की परीक्षाएं और इंटरव्यू अधर में....

ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) में मुखिया का पद खाली होने से प्रशासनिक व्यवस्था बेपटरी हो गई है। हालात यह हैं कि राज्य सेवा और पुलिस विभाग समेत सैकड़ों पदों की चयन प्रक्रियाएं बीच में ही रोक दी गई हैं, जिससे हजारों युवाओं का भविष्य अधर में लटक गया है।
मुख्य कुर्सी खाली होने की सुस्ती का असर सबसे पहले बड़ी परीक्षाओं पर पड़ा है। राज्य सेवा परीक्षा के तहत 265 पदों के लिए होने वाले साक्षात्कार और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन का कार्यक्रम अचानक रद्द करना पड़ा। इसके अलावा, पुलिस विभाग के अंतर्गत सूबेदार, उप निरीक्षक और प्लाटून कमांडर के 297 पदों पर होने वाली मुख्य परीक्षा भी टाल दी गई है। सिर्फ यही नहीं, लोक निर्माण विभाग (PWD) के 40 पदों की भर्ती प्रक्रिया भी प्रभावित हुई है, जिससे तैयारी कर रहे उम्मीदवारों में भारी निराशा है।
राजनीतिक अखाड़ा बना आयोग भर्ती प्रक्रियाएं रुकने के बाद सियासत भी गरमा गई है। विपक्षी दल सरकार पर युवाओं से किए गए वादों को पूरा न करने का आरोप लगा रहा है, वहीं सत्ताधारी दल पिछली सरकार के कार्यकाल में हुए पुराने घोटालों की याद दिलाकर पलटवार कर रहा है। इन राजनीतिक बयानों के बीच प्रशासनिक सुस्ती का खामियाजा सिर्फ और सिर्फ उन आम अभ्यर्थियों को भुगतना पड़ रहा है जो दिन-रात एक कर परीक्षा की तैयारी कर रहे थे।
पदोन्नति और अन्य कार्य भी प्रभावित अध्यक्ष का पद न होने से केवल सीधी भर्तियां ही नहीं रुकी हैं, बल्कि सरकारी अधिकारियों के प्रमोशन से जुड़ी फाइलें और आयोग के अन्य जरूरी कामकाज भी अटक गए हैं। राजपत्रित अधिकारी संघ ने भी इस ओर सरकार का ध्यान आकर्षित किया है।
फिलहाल, युवा नई तारीखों के इंतजार में आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर नजरें टिकाए बैठे हैं। जब तक नए मुखिया की नियुक्ति नहीं होती और आयोग दोबारा पूरी क्षमता से काम शुरू नहीं करता, तब तक असमंजस का यह बादल छंटना मुश्किल है।






.jpeg)
.jpeg)
.jpeg)
.jpg)




Comments