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वंतारा में हथिनी 'जॉयमोती' का इलाज शुरू.....

Aug 22
2 min read

ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-

नई दिल्ली: बाढ़ की त्रासदी से जूझ रही 53 वर्षीय हथिनी जॉयमोती को बचाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। असम और नागालैंड में आई बाढ़ के दौरान बह गई हथिनी को अनंत अंबानी के वंतारा (Vantara) में बेहतर इलाज के लिए एयरलिफ्ट किया गया है। जॉयमोती को अब जामनगर स्थित वंतारा के विशेष पशु चिकित्सा केंद्र में रखा गया है, जहां उसका इलाज किया जाएगा। हथिनी को बाढ़ से बचाने के बाद स्थानीय लोगों और सरकारी एजेंसियों की मदद से रेस्क्यू किया गया था। लेकिन बाढ़ के दौरान उसे कई गंभीर चोटें आईं, जिसके कारण उसे तुरंत विशेषज्ञ इलाज की जरूरत थी। बाढ़ में बहने से आईं गंभीर चोटें जानकारी के अनुसार, जॉयमोती को बाढ़ के तेज बहाव में बहने के बाद कई जगह चोटें आईं। उसके माथे, दाहिने कान, पूंछ के ऊपर, पेट और पैर के हिस्से में गंभीर घाव पाए गए। इसके अलावा उसकी एक आंख भी बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिससे उसकी दृष्टि कमजोर हो गई है।


हथिनी को पहले स्थानीय स्तर पर प्राथमिक उपचार दिया गया था, लेकिन उसकी उम्र और गंभीर स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञ देखभाल की जरूरत महसूस हुई। सड़क की बजाय एयरलिफ्ट करने का फैसला वंतारा की टीम ने जॉयमोती को सड़क मार्ग से ले जाने के बजाय एयरलिफ्ट करने का फैसला किया, ताकि लंबी यात्रा से होने वाले तनाव और शारीरिक परेशानी को कम किया जा सके। एयर ट्रांसफर के दौरान उसकी सुरक्षा और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखा गया। जामनगर पहुंचने के बाद हथिनी की विस्तृत मेडिकल जांच की जाएगी और उसकी चोटों, आंख की समस्या और पोषण संबंधी जरूरतों के अनुसार इलाज शुरू किया जाएगा। जॉयमोती की कहानी ने जीता लोगों का दिल जॉयमोती के रेस्क्यू की कहानी सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गई है। पशु प्रेमियों ने उसके लिए चिंता जताई और वंतारा की टीम द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। वन्यजीवों के लिए आपदा के समय त्वरित चिकित्सा सहायता कितनी जरूरी होती है, जॉयमोती का मामला इसका उदाहरण बनकर सामने आया है। असम में वन्यजीव चिकित्सा केंद्रों की योजना रिपोर्ट्स के अनुसार, वंतारा ने असम में वन्यजीवों के लिए तीन चिकित्सा केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव भी रखा है, ताकि भविष्य में हाथियों और अन्य जानवरों को स्थानीय स्तर पर बेहतर इलाज मिल सके। जॉयमोती का इलाज अब विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में होगा और सभी की नजर उसकी सेहत में सुधार पर है।

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