google.com, pub-3310156774694367, DIRECT, f08c47fec0942fa0
top of page
youtube dp crop.png

BREAKING ADN NEWS

WhatsApp Image 2025-09-10 at 15.54_edite
ADN FILMS POSTER

तिरंगा यात्रा ने दिया नक्सलवाद के खात्मे और बस्तर के विकास का संदेश....

  • आजादी के बाद भी लोकतंत्र और तिरंगे के सम्मान की रक्षा के लिए देश ने बड़ी कुर्बानियां देने वालों को समर्पित यह तिरंगा यात्रा - उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा....

  • नस्लवाद का दंश मेरे परिवार ने भी झेला है।इसका खात्मा मेरे लिए निजी सफलता है - केदार कश्यप....

  • भुसारास, एर्राबोर, पोलमपल्ली, ताड़मेटला, मनिकोंटा, बुर्कापाल, दोरनापाल, चिंतागुफा, श्यामगिरी और चिंतलनार में ग्रामीणों से की मुलाकात....

  • पुनर्वासित महिलाओं ने उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और सांसद महेश कश्यप को बांधी राखी, तिरंगे में सजाकर भेंट की राखी...

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की क़लम से -

सुकमा, बस्तर तिरंगा यात्रा के दूसरे दिन उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने एर्राबोर पहुंचकर नक्सल हिंसा में शहीद हुए 33 जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर पुनर्वासित महिलाओं ने उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं सांसद महेश कश्यप को राखी बांधकर रक्षा सूत्र के माध्यम से अपने विश्वास और नए बस्तर की उम्मीदों से जोड़ा। सुकमा की दीदीयों द्वारा तैयार की गई राखी को तिरंगे में लगाकर उप मुख्यमंत्री एवं सांसद को भेंट किया गया। महिलाओं ने पुलिस जवानों को भी राखियां भेंट कीं।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि आज कट्टम ज्योति जीत गई और नक्सली हार गए। उन्होंने कहा कि एक वर्ष की मासूम कट्टम ज्योति की नक्सलियों ने नृशंस हत्या कर दी थी। आज उसी बस्तर की धरती पर नक्सलवाद के सफाए का संकल्प साकार हो रहा है। एर्राबोर की घटना को याद करते हुए उन्होंने कहा कि नक्सलियों ने पूरी बस्ती को आग के हवाले कर निर्दोष लोगों की नृशंस हत्या की थी। वे कहते थे कि वे लोगों की रक्षा कर रहे हैं, लेकिन बंदूक का डर दिखाकर और निर्दोष लोगों की हत्या करके रक्षा करने का यह ढोंग अब पूरी तरह समाप्त हो चुका है।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र के लिए जिया जाए तो बहुत कुछ किया जा सकता है, लेकिन बंदूक उठाकर लोगों को मारना, भारत के संविधान को नकारना और लोगों को हथियार के बल पर डराना लोकतंत्र नहीं है। उन्होंने कहा कि बस्तर के समाज, जनप्रतिनिधियों, पत्रकारों और युवाओं ने लोकतंत्र की असली ताकत दिखाते हुए नक्सलवाद को हराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अब बस्तर के विकास की दिशा बस्तर के लोग स्वयं तय करेंगे।

शर्मा कहा कि बस्तर के विकास के लिए किसी बाहरी संसाधन पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं है। बस्तर स्वयं इतना समृद्ध है कि अपनी लघु वनोपज, प्राकृतिक सौंदर्य और प्राकृतिक संसाधनों के आधार पर अपनी विकास यात्रा को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है। बस्तर की बहनों द्वारा बांधी गई राखी को विश्वास का रक्षा सूत्र बताते हुए उन्होंने कहा कि इस विश्वास और जिम्मेदारी के नाते वे पूर्ण भरोसा दिलाते हैं कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सरकार बस्तर के विकास में सदैव पूरी ताकत से सहयोग करेगी।

रक्तरंजित इतिहास की धरती से तिरंगे का संदेश

उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि तिरंगा यात्रा के दूसरे दिन का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष यह है कि यात्रा जिन स्थानों से होकर गुजर रही है, वे नक्सली हिंसा के बड़े और रक्तरंजित संघर्ष के गवाह रहे हैं। श्यामगिरी में भाजपा विधायक भीमा मंडावी की बम विस्फोट में हत्या की गई। दोरनापाल में 33 ग्रामीणों के घर जलाकर उनकी हत्या की गई। मनिकोंटा में 16, बुर्कापाल में 29 और ताड़मेटला में 76 जवानों की शहादत इस बात की गवाह है कि आजादी के बाद भी लोकतंत्र और तिरंगे के सम्मान की रक्षा के लिए देश ने बड़ी कुर्बानियां दी हैं। उन्होंने कहा कि यह तिरंगा यात्रा उन सभी शहादतों को सम्मान देने की यात्रा है। शहीद जवानों की कुर्बानी और आज के जवानों की भुजाओं की ताकत से ही बस्तर में लोकतंत्र फिर मुस्कुरा रहा है और तिरंगा घर-घर में लहरा रहा है।

शहीद स्थलों पर पौधारोपण, पवित्र मिट्टी का संग्रहण

बस्तर तिरंगा यात्रा के दौरान उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भुसारास, एर्राबोर, पोलमपल्ली, ताड़मेटला, मनिकोंटा, बुर्कापाल, दोरनापाल, चिंतागुफा, श्यामगिरी और चिंतलनार में शहीदों की स्मृति में पौधारोपण किया। उन्होंने इन शहीद स्थलों की पवित्र मिट्टी को भी संग्रहित किया। यात्रा के दौरान उन्होंने स्थानीय नागरिकों, शहीद परिवारों, पुनर्वासित लोगों और पुलिस जवानों से आत्मीय मुलाकात कर उनका उत्साह बढ़ाया। उन्होंने एर्राबोर स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण कर, पांच वयोवृद्ध महिलाओं को मिला मोतियाबिंद मुक्त होने का प्रमाण पत्र उप मुख्यमंत्री शर्मा ने एर्राबोर स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने पांच वयोवृद्ध महिलाओं को मोतियाबिंद मुक्त होने का प्रमाण पत्र प्रदान किया। सीएमएचओ ने बताया कि नक्सल मुक्त होने के बाद सुकमा जिले को मोतियाबिंद मुक्त बनाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इस सत्र में अब तक 182 मोतियाबिंद ऑपरेशन किए जा चुके हैं।

कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने कहा मैं इसी बस्तर की माटी में पैदा हुआ मेरा परिवार सालों से इसी माटी के विकास के लिए जिया। मैंने स्वयं नक्सलवाद का दंश झेला हूँ। मेरे भाई की हत्या नक्सलियों ने की थी। आज जब मैं एक एक शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए जा रहा हूँ, उनके नाम से वृक्षारोपण कर रहा हूँ, उनके परिजनों से मिल रहा हूँ तो ऐसा लग रहा है मैं अपने परिवार के दुख बाँट रहा हु। बस्तर में नक्सलवाद का खात्मा मेरी निजी खुशी का भी विषय है। केदार कश्यप ने कहा बस्तर के विकास के लिए कार्य करना ऐसा ही है जैसे अपने परिवार का कार्य करना। कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि आज जब हम तिरंगा यात्रा में घर-घर में तिरंगा लगा रहे हैं तो बस्तर के लोग स्वयं कह रहे हैं कि अब हम पूर्ण स्वतंत्रता की सांस ले रहे है।

2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य के साथ विकसित होगा बस्तर

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने लोगों से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हर घर में तिरंगा लगाने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। आने वाले समय में बस्तर में भी व्यापक बदलाव दिखाई देगा और बस्तर देश का सबसे विकसित जनजातीय संभाग बनेगा। उन्होंने कहा कि अब बस्तर में विकास बस्तर के लोगों की आवश्यकताओं, आकांक्षाओं और सहभागिता के अनुरूप होगा। उन्होंने सभी कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों से बस्तर के विकास के लिए दोगुनी गति से कार्य करने का आह्वान किया।

*2100 से अधिक निर्दोष लोगों की हुई हत्या : सांसद महेश कश्यप

सांसद महेश कश्यप ने कहा कि तिरंगे का संदेश लेकर सुकमा में लगभग 200 किलोमीटर की यात्रा करना अपने आप में ऐतिहासिक अवसर है। आजादी के 79 वर्ष बाद पहली बार इन क्षेत्रों में तिरंगा पूरे सम्मान और शान के साथ लहरा रहा है। उन्होंने कहा कि तिरंगे का केसरिया रंग बलिदान और सफेद रंग शांति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि लगभग 45 वर्ष पहले कुछ लोग बंदूक के दम पर शांत बस्तर की वादियों को रक्तरंजित करने आए। नक्सली हिंसा में 2100 से अधिक निर्दोष लोगों की जान गई। यह धरती वीर गेंद सिंह और झाड़ा सिरहा जैसे महान योद्धाओं की भूमि है, जिन्होंने अपने बलिदान से इस धरती को सींचा है।

सांसद कश्यप ने कहा कि नक्सली वर्षों तक जल, जंगल और जमीन के नाम पर लोगों को बरगलाते रहे। जो लोग स्वयं बंदूक के बल पर लोगों को डराते और उनका शोषण करते रहे, वे जनता को अधिकार देने का दावा नहीं कर सकते। शासन के संकल्प, सुरक्षा बलों की वीरता और बस्तरवासियों के सहयोग से अब नक्सलवाद का अंत हुआ है। उन्होंने भी हर घर में तिरंगा लगाने की अपील की। बस्तर तिरंगा यात्रा के माध्यम से शहीदों को नमन, नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक विजय और लोकतंत्र की पुनर्स्थापना के साथ बस्तर के उज्ज्वल, शांतिपूर्ण और विकसित भविष्य का संदेश जन-जन तक पहुंचाया गया।

All Videos

All Videos

All Videos
वर्तमान परिवेश में बस सफर पर कितनी सुरक्षित है महिलाएं """

वर्तमान परिवेश में बस सफर पर कितनी सुरक्षित है महिलाएं """

06:09
हीट एण्ड रन का विरोध भारतिय न्याय संहिता 2023 का विरोध ड्राईव्हर गाड़ी छोड़ घर को चले..

हीट एण्ड रन का विरोध भारतिय न्याय संहिता 2023 का विरोध ड्राईव्हर गाड़ी छोड़ घर को चले..

25:50
खर्रा जाति के अध्यक्ष बने डिग्री लाल दास ( सांकरा ) #basna #mahasamund

खर्रा जाति के अध्यक्ष बने डिग्री लाल दास ( सांकरा ) #basna #mahasamund

10:47
न्यायालय के आदेश को दिखा रहें ठेंगा | #basna #chhattisgarh

न्यायालय के आदेश को दिखा रहें ठेंगा | #basna #chhattisgarh

05:21
शुभा नर्सिंग होम क्षेत्र का गौरव -  सुख और धन त्याग कर, अपने ही क्षेत्र में सेवा को चुना. #hospital

शुभा नर्सिंग होम क्षेत्र का गौरव - सुख और धन त्याग कर, अपने ही क्षेत्र में सेवा को चुना. #hospital

28:53
डॉ. अनामिका पाल ने आपराधिक मामलों के बारे में घोषणा की..

डॉ. अनामिका पाल ने आपराधिक मामलों के बारे में घोषणा की..

00:22
Unhe Pata Hai Ki Jaalifesyle Ka Mukhiya Koun Hai | Aur Ham Jante Hai Unhe Jinhe Pata Hai Ki Mukhiya.

Unhe Pata Hai Ki Jaalifesyle Ka Mukhiya Koun Hai | Aur Ham Jante Hai Unhe Jinhe Pata Hai Ki Mukhiya.

19:00

© 2018 by Anis lala dani. Proudly created with breakingadnnews.com

  • Subscribe Channale
bottom of page
naver-site-verification: navere8d42c0359e3e135363406d5b6093c27.html