google.com, pub-3310156774694367, DIRECT, f08c47fec0942fa0
top of page
WhatsApp Image 2025-09-10 at 15.54_edite
ADN FILMS POSTER

BREAKING ADN NEWS

WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.31.jpeg
WhatsApp Image 2026-09-08 at 12.10.10.jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.30 (2).jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.31 (1).jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.30 (1).jpeg

राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी दलों का सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने दस्तावेजों में निकाली 14 आपत्तियां....

20 hours ago
2 min read

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :- 

दिल्ली:- दिल्ली में चुनावी प्रक्रिया और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर सियासी हलचल तेज रही। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने विपक्षी दलों के नेताओं के साथ सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला। इसके बाद शाम को उनकी कानूनी टीम ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के खिलाफ शीर्ष अदालत में याचिका दाखिल की। हालांकि, प्रक्रियागत कमियों के चलते याचिका सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं हो सकी। सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने दस्तावेजों में कुल 14 आपत्तियां दर्ज की हैं।


याचिका में कहां-कहां मिलीं खामियां?

SIR के खिलाफ दाखिल याचिका में दस्तावेजों और कानूनी औपचारिकताओं से जुड़ी कई कमियां सामने आई हैं। रजिस्ट्री की आपत्तियों के अनुसार, याचिका के साथ जमा वकालतनामे पर कई विपक्षी नेताओं के हस्ताक्षर नहीं थे। इसके अलावा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पहचान पत्र की स्पष्ट और पढ़ने योग्य प्रति भी उपलब्ध नहीं कराई गई।याचिका दाखिल करने के लिए निर्धारित शुल्क में भी 220 रुपये की कमी पाई गई। यह याचिका संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दायर की गई थी, जिसके अंतर्गत मौलिक अधिकारों के उल्लंघन का मामला सीधे सुप्रीम कोर्ट में उठाया जा सकता है। रजिस्ट्री ने चुनाव आयुक्तों को व्यक्तिगत रूप से प्रतिवादी बनाए जाने पर भी सवाल उठाया है। उसने याचिकाकर्ताओं से इसका आधार स्पष्ट करने को कहा है।


इन 9 नेताओं के हस्ताक्षर नहीं मिले

रजिस्ट्री की ओर से दर्ज आपत्तियों में वकालतनामे पर हस्ताक्षर का अभाव प्रमुख है। जिन नेताओं के हस्ताक्षर नहीं पाए गए, उनमें शामिल हैं:

  • सौगत रॉय

  • अखिलेश यादव

  • तेजस्वी यादव

  • संजय राउत

  • एमए बेबी

  • डी राजा

  • महुआ माझी

  • सुप्रिया सुले

  • ईटी मोहम्मद बशीर

वकालतनामा वह कानूनी दस्तावेज है, जिसके माध्यम से याचिकाकर्ता किसी अधिवक्ता को अदालत में अपना पक्ष रखने और मामले की पैरवी करने का अधिकार देता है। इस दस्तावेज में जरूरी हस्ताक्षर नहीं होने पर अदालत की प्रक्रिया आगे बढ़ाने से पहले कमी दूर करनी पड़ सकती है।


खड़गे के पहचान पत्र और अतिरिक्त दस्तावेजों की मांग

सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने मल्लिकार्जुन खड़गे के पहचान पत्र की साफ प्रति जमा करने को कहा है। इसके अलावा 24 जून 2025 के फैसले और SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने से संबंधित दस्तावेजों की सूची सॉफ्ट कॉपी में उपलब्ध कराने की मांग की गई है।इन आपत्तियों को दूर करने के बाद याचिका की आगे की प्रक्रिया बढ़ सकती है। फिलहाल, रजिस्ट्री की ओर से दर्ज कमियों के कारण याचिका सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं हो सकी है।


SIR को लेकर क्यों बढ़ी राजनीतिक हलचल?

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर विपक्षी दल लगातार सवाल उठा रहे हैं। इस प्रक्रिया में मतदाताओं के नाम जोड़ने, हटाने और सूची में दर्ज विवरणों की जांच जैसे मुद्दे राजनीतिक बहस के केंद्र में हैं। राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं की सुप्रीम कोर्ट तक मार्च की कार्रवाई इसी विरोध के बीच हुई। अब इस मामले में आगे की स्थिति याचिका में दर्ज आपत्तियों को दूर करने और शीर्ष अदालत में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध होने की प्रक्रिया पर निर्भर करेगी। #DelhiNews #SupremeCourt #RahulGandhi #SIR #ElectionCommission #IndianPolitics #Opposition #KhabarExpress #BreakingADNNews

Comments


© 2018 by Anis lala dani. Proudly created with breakingadnnews.com

  • Subscribe Channale
bottom of page
naver-site-verification: navere8d42c0359e3e135363406d5b6093c27.html