नारी उत्थान और सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण को समर्पित है राज्य सरकार: विष्णु देव साय...

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रायपुर: शक्ति की आराधना का महापर्व नवरात्रि केवल धार्मिक अनुष्ठान का समय नहीं, बल्कि स्त्री शक्ति के गौरव, सामाजिक सद्भाव और प्राचीन संस्कृति के पुनरुद्धार का जीवंत अवसर है। सनातन परंपरा में नारी को ऊर्जा और सृजन का मूल आधार माना गया है। इसी सोच के साथ राज्य प्रशासन महिलाओं के संरक्षण, स्वावलंबन और आर्थिक मोर्चे पर मजबूती के लिए पूरी संजीदगी से काम कर रहा है। आधी आबादी की प्रगति ही संपूर्ण राज्य के विकास की असली धुरी है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी के विभिन्न Garba और नवरात्रि आयोजनों में शिरकत करते हुए नागरिकों को पर्व की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होंने कालीबाड़ी स्थित मां काली मंदिर में माथा टेककर प्रदेश की खुशहाली की प्रार्थना की। इसके बाद उन्होंने मंडी परिसर स्थित पाटीदार समाज के गरबा उत्सव, भानपुरी, गोवर्धन नगर और अमलीडीह में आयोजित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया।
प्रमुख ने कहा कि इन नौ दिनों में दिखने वाला आस्था और उल्लास का माहौल जीवन में अनुशासन और सकारात्मकता का संदेश देता है। ऐसे उत्सव नागरिकों को एकजुट करने के साथ आपसी भाईचारे की डोर को मजबूत बनाते हैं। छत्तीसगढ़ की धरती पर विभिन्न समाजों ने अपनी संस्कृति को सहेजते हुए राज्य की तरक्की में अहम योगदान दिया है।
महिलाओं की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के जरिए लगभग 68 लाख महिलाओं के खातों में हर महीने आर्थिक मदद पहुंच रही है। यह पहल केवल वित्तीय सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे महिलाओं का आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता भी बढ़ी है। इसके अलावा, प्रदेश में 14 लाख से अधिक बहनें लखपति दीदी बन चुकी हैं, जो उनके उद्यमशीलता और मजबूत इच्छाशक्ति का जीवंत प्रमाण है। स्व-सहायता समूहों के जरिए महिलाएं परिवार के साथ-साथ स्थानीय आर्थिकी को भी नई रफ्तार दे रही हैं।
छत्तीसगढ़ को माता कौशल्या के साथ-साथ दंतेश्वरी, बम्लेश्वरी, महामाया और चंद्रहासिनी जैसी देवियों का आशीर्वाद प्राप्त है। पर्वों के दौरान यहां की ऊर्जा देखते ही बनती है। केंद्र सरकार के ‘विकास भी, विरासत भी’ के मूल मंत्र को अपनाते हुए राज्य में धार्मिक स्थलों का कायाकल्प किया जा रहा है, ताकि आधुनिकता के साथ सांस्कृतिक जड़ों को भी सहेजा जा सके।
इस दौरान विधायक पुरंदर मिश्रा, देवजी भाई पटेल, जयंती पटेल और जगदीश पटेल समेत कई गणमान्य नागरिक और समाज के प्रतिनिधि मौजूद रहे।






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