प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग बीमार हो गया है - कांग्रेस....

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की क़लम से:- रायपुर: प्रदेश कांग्रेस कमेटी की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि आज छत्तीसगढ़ का स्वास्थ्य विभाग खुद 'बीमार' हो गया है। भाजपा सरकार की प्राथमिकताओं में आम जनता का इलाज दूर-दूर तक शामिल नहीं है, और यह विभाग केवल भ्रष्टाचार का अड्डा बनकर रह गया है। उन्होंने आंकड़े साझा करते हुए बताया कि प्रदेश के मौजूदा 10 मेडिकल कॉलेजों में 2,660 स्वीकृत पदों में से लगभग आधे यानी 1,290 पद खाली पड़े हैं, ऐसे में मरीजों का समुचित इलाज कैसे संभव है? जिला अस्पताल सुविधाओं के अभाव में दम तोड़ रहे हैं, जबकि स्वास्थ्य केंद्रों और उप-स्वास्थ्य केंद्रों में 65% तथा जिला अस्पतालों में 60% पद खाली पड़े हैं। सरकारी अस्पतालों में इलाज कम और भ्रष्टाचार का खेल अधिक चल रहा है। इसके अलावा, अधिकांश सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में नकली व अमानक दवाओं के इस्तेमाल की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।
स्वास्थ्य बजट का कुप्रबंधन और कागजी बैठकें
वंदना राजपूत ने कहा कि स्वास्थ्य बजट का सही क्रियान्वयन न होने, प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की भारी कमी, समय पर दवाओं की आपूर्ति न होने और मोबाइल मेडिकल यूनिट्स के बजट में कटौती के कारण पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था चौपट हो चुकी है। विभागीय मंत्री केवल विज्ञापनबाजी और कागजी बैठकों तक ही सीमित होकर रह गए हैं।
मेकाहारा और डीकेएस अस्पताल भी अव्यवस्था के शिकार
उन्होंने कहा कि यह बेहद शर्मनाक है कि राज्य के लोगों की बड़ी उम्मीद माने जाने वाले रायपुर के मेकाहारा (Dr. B. R. Ambedkar Memorial Hospital) और डीकेएस अस्पताल भी अव्यवस्था और सरकार की घोर लापरवाही का शिकार हैं। मेकाहारा में करोड़ों रुपए की मशीनें इंस्टॉलेशन के अभाव में धूल फांक रही हैं। योग्य डॉक्टरों के होने के बावजूद बुनियादी सुविधाओं के अभाव में मरीजों के इलाज में भारी देरी हो रही है। सरकार कभी दवाइयां उपलब्ध नहीं करा पाती, तो कभी एक्स-रे फिल्म या पैथोलॉजी का सामान गायब रहता है। प्रदेश की पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था रामभरोसे चल रही है।
भगवान भरोसे छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य सेवाएं
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि सरकार की लापरवाही और बदनियती के चलते छत्तीसगढ़ के मरीज जांच, इलाज और दवा के अभाव में बेमौत मरने को मजबूर हैं। सरकारी अस्पतालों में दी जा रही कई दवाएं गुणवत्ता जांच में फेल हो रही हैं। मरीजों को समय पर एम्बुलेंस सुविधा नहीं मिल रही है, और वे सिटी स्कैन, एमआरआई, सोनोग्राफी, एक्स-रे तथा खून-पेशाब की जांच के लिए भटक रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में कमीशनखोरी के चलते स्वास्थ्य विभाग अघोषित तौर पर ठेके पर संचालित हो रहा है और सत्ता के संरक्षण में केवल मुनाफाखोरी का खेल चल रहा है। कांग्रेस ने मांग की है कि इस अक्षम स्वास्थ्य मंत्री को तत्काल अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए या मुख्यमंत्री को उन्हें बर्खास्त करना चाहिए। #VandnaRajput #ChhattisgarhHealth #CGNews #HealthDepartment #Congress #MeckaharaHospital #CGPolitics #GovernmentHospitals #BreakingADNNews






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