राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने की शुरुआत से अंतरराष्ट्रीय सफलता की उम्मीदें बढ़ीं - कैलाश मुरारका....

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की क़लम से:-
रायपुर। छत्तीसगढ़ तीरंदाजी संघ के लिए यह समय गर्व और ऐतिहासिक उपलब्धियों का है। प्रदेश के पैरा तीरंदाज टोमन कुमार ने एशियन गेम्स की मिक्स्ड टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर देश एवं प्रदेश का मान बढ़ाया है। वहीं, जयपुर, राजस्थान में आयोजित 46वीं राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की रिकर्व टीम ने पहली बार कांस्य पदक हासिल कर प्रदेश के तीरंदाजी इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया है। जयपुर से पदक जीतकर लौटे छत्तीसगढ़ के रिकर्व तीरंदाजों का आज रेलवे स्टेशन पर भारतीय तीरंदाजी संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश आर्चरी एसोसिएशन के वरिष्ठ पदाधिकारी कैलाश मुरारका ने शॉल एवं पुष्पगुच्छ भेंटकर आत्मीय स्वागत और अभिनंदन किया। इस अवसर पर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्होंने उनकी मेहनत, लगन और उपलब्धि की सराहना की। रिकर्व टीम के प्रतिभाशाली तीरंदाज गीतेश यादव, श्रेयांश वर्मा, युवराज एवं अविनाश ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से प्रदेश को गौरवान्वित किया। टीम के इस ऐतिहासिक कांस्य पदक से छत्तीसगढ़ के खेल जगत में खुशी और उत्साह का माहौल है।
ऐतिहासिक उपलब्धि पर कैलाश मुरारका के विचार
इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कैलाश मुरारका ने कहा कि छत्तीसगढ़ तीरंदाजी संघ पिछले लगभग 25 वर्षों से इस दिन की प्रतीक्षा कर रहा था, जब प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाएंगे। रिकर्व टीम का यह कांस्य पदक उसी लंबे संघर्ष, निरंतर प्रयास और खिलाड़ियों के अटूट संकल्प का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यह सफलता आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने की दिशा में एक महत्वपूर्ण शुरुआत है। मुरारका ने कहा कि छत्तीसगढ़ में प्रतिभाशाली तीरंदाजों की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता केवल आधुनिक उपकरणों, बेहतर प्रशिक्षण सुविधाओं और योग्य प्रशिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की है। संसाधनों की चुनौतियों के बावजूद खिलाड़ियों ने हार नहीं मानी। कई खिलाड़ियों ने अपने निजी संसाधनों से आधुनिक उपकरण जुटाए, कठिन परिश्रम किया और अपने दृढ़ संकल्प के बल पर यह ऐतिहासिक सफलता हासिल की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यदि खिलाड़ियों को उचित संसाधन, प्रशिक्षण और प्रोत्साहन मिलता रहा, तो छत्तीसगढ़ के तीरंदाज राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं एवं भविष्य के एशियन गेम्स में भी देश के लिए पदक जीतने में सफल होंगे।
व्यक्तिगत स्पर्धा में पदक की उम्मीद
मुरारका ने बताया कि प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के सात खिलाड़ी व्यक्तिगत स्पर्धा के लिए क्वालीफाई कर चुके हैं। आगामी व्यक्तिगत मुकाबलों एवं मेडल मैचों में भी प्रदेश के खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। संघ को विश्वास है कि खिलाड़ी अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर पदकों की संख्या में और वृद्धि करेंगे। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि बिलासपुर में आयोजित राज्य स्तरीय तीरंदाजी प्रतियोगिता के दौरान उन्होंने घोषणा की थी कि ओलंपिक में पदक जीतने वाले खिलाड़ी तथा पदक दिलाने वाले कोच को पांच-पांच लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन और संसाधनों की उपलब्धता बेहद आवश्यक है। अंत में कैलाश मुरारका ने सभी पदक विजेताओं, खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, संघ के पदाधिकारियों और अभिभावकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की सफलता में उनके अभिभावकों का महत्वपूर्ण योगदान है, जो प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरणों, यात्रा और प्रतियोगिताओं के लिए निरंतर सहयोग करते हैं। छत्तीसगढ़ तीरंदाजी संघ को विश्वास है कि खिलाड़ियों की मेहनत, प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन, अभिभावकों के सहयोग और बेहतर सुविधाओं के समन्वय से प्रदेश की तीरंदाजी आने वाले वर्षों में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाइयां प्राप्त करेगी।
छत्तीसगढ़ तीरंदाजी संघ की ओर से सभी खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, पदाधिकारियों एवं अभिभावकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। #Archery #Chhattisgarh #TomanKumar #KailashMurarka #NationalArcheryChampionship #Jaipur #SportsNews #AsianGames #ArcheryAssociation #BreakingADNNews






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