छत्तीसगढ़ में प्रॉपर्टी रजिस्ट्री का झंझट खत्म, अब महज 500 रुपये में हो रहे ये जरूरी दस्तावेज...

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-
रायपुर : छत्तीसगढ़ वासियों के लिए प्रॉपर्टी से जुड़े कानूनी काम अब काफी आसान और जेब पर हल्के हो गए हैं। राज्य सरकार की ओर से पारिवारिक और अधिकारों से जुड़े खास दस्तावेजों के पंजीयन शुल्क में भारी कटौती की गई है, जिसका सीधा फायदा आम जनता को मिल रहा है। अब वसीयत, फैमिली पार्टीशन, हक त्याग और गिफ्ट डीड जैसे महत्वपूर्ण कागजातों के रजिस्ट्रेशन के लिए भारी-भरकम फीस नहीं चुकानी पड़ती, बल्कि इसके लिए सिर्फ 500 रुपये का मामूली शुल्क तय किया गया है।
बचत ने बढ़ाई लोगों की रुचि नंबरों की बात करें तो, जनवरी 2025 से अक्टूबर 2026 के बीच प्रदेशभर में इन श्रेणियों के कुल 37,842 दस्तावेज रजिस्टर्ड किए गए हैं, जिनसे शासन को लगभग 43.70 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है। फीस कम होने से परिवारों के भीतर होने वाले संपत्ति ट्रांसफर के मामलों में तेजी आई है।
मिसाल के तौर पर, यदि किसी प्रॉपर्टी की कीमत एक करोड़ रुपये है, तो पहले 0.8 प्रतिशत यानी 80,000 रुपये तक पंजीयन शुल्क देना होता था। अब यह घटकर मात्र 500 रुपये रह गया है, जिससे सीधे तौर पर 79,500 रुपये की बचत हो रही है। हालांकि, यह राहत सामान्य सेल डीड यानी खरीद-फरोख्त पर लागू नहीं है।
राजधानी रायपुर सबसे आगे इस योजना का सबसे ज्यादा क्रेज रायपुर जिले में देखने को मिला है, जहां सबसे अधिक 5,324 दस्तावेजों का पंजीयन हुआ। इसके बाद दुर्ग में 4,079 और राजनांदगांव में 3,263 दस्तावेज दर्ज किए गए। बाकी जिलों से भी लगातार सकारात्मक आंकड़े सामने आ रहे हैं।
एक स्थानीय नागरिक ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि पिता से मकान का गिफ्ट डीड तैयार करवाने पर पहले उन्हें 70 हजार से ज्यादा का शुल्क देना पड़ता, लेकिन नई व्यवस्था के चलते यह काम केवल 500 रुपये में पूरा हो गया। पंजीयन विभाग के अधिकारियों का भी मानना है कि इस कदम से पारदर्शिता बढ़ी है और लोग स्वेच्छा से अपने कागजात समय पर तैयार करवा रहे हैं।






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