सरकार पटवारियों की हड़ताल का समाधान निकाले, किसान परेशान हो रहे - कांग्रेस...

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की क़लम से:-
रायपुर: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि सरकार पटवारियों की हड़ताल का जल्द समाधान निकाले, क्योंकि पटवारियों की हड़ताल के कारण धान खरीदी से पहले की तैयारियाँ पूरी तरह बाधित हो रही हैं। इस वर्ष धान विक्रय के लिए एग्री-स्टैक पोर्टल (Agri-Stack Portal) पर पंजीयन और फार्मर आईडी (Farmer ID) आवश्यक कर दी गई है। किसानों के धान विक्रय से संबंधित खसरों की फार्मर आईडी से लिंकिंग भी जरूरी है। वहीं, फसल और रकबे की प्रविष्टि डिजिटल क्रॉप सर्वे के माध्यम से 31 अक्टूबर तक पूरी की जानी है। पटवारियों की हड़ताल के कारण भूमि के रिकॉर्ड, खसरा, मैपिंग, बैंक खाते, नामांतरण, बंटवारा और फसल के रकबे में अंतर होने पर समय रहते सुधार कराने जैसे कार्य बाधित हो रहे हैं। ऐसे में किसान अपना धान कैसे बेच पाएंगे?
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने आगे कहा कि सरकार ने धान खरीदी के लिए पंजीयन की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर निर्धारित की है, लेकिन पटवारियों की हड़ताल के चलते 31 अक्टूबर तक सभी किसानों का पंजीयन कैसे हो पाएगा? धान खरीदी के लिए पंजीयन का काम चल रहा है, लेकिन फौती काटना बंद होने और राजस्व रिकॉर्ड दुरुस्त न होने से किसान तहसील कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। पटवारी प्रतिवेदन के बिना तहसीलदार और एसडीएम कार्यालयों में राजस्व के प्रकरण लंबित हो गए हैं। धारा 115 के तहत लाखों प्रकरण पहले से ही शीर्ष कार्यालयों में लंबित हैं और अब नए प्रतिवेदन भी नहीं पहुँच रहे हैं। फौती, नामांतरण, बंटवारा और त्रुटि सुधार के लिए किसानों को दर-दर भटकना पड़ रहा है। ऐसी स्थिति में यदि रिकॉर्ड समय पर दुरुस्त नहीं हुए, तो हजारों किसानों को धान बेचने से भी वंचित होना पड़ सकता है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने यह भी कहा कि पटवारी राजस्व विभाग द्वारा थोपे गए नए 'पीवी ऐप' (Physical Verification App) का विरोध कर रहे हैं। इस ऐप के जरिए डिजिटल सर्वे और जीपीएस (GPS) फोटो अपलोड करना अनिवार्य किया गया है, लेकिन ऐप में लगातार तकनीकी खामियाँ आ रही हैं। सर्वर डाउन रहना, लोकेशन मैच न होना और खेत में खड़ी फसल के भौतिक सत्यापन में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों से पटवारी परेशान हैं। पटवारी संघ पहले ही सरकार को इन सभी समस्याओं से अवगत करा चुका था, लेकिन सरकार ने इस पर कोई गंभीरता नहीं दिखाई, जिसके चलते उन्हें मजबूरन हड़ताल के रास्ते पर जाना पड़ा। उनका यह विरोध पूरी तरह जायज है। सरकार को जल्द से जल्द पटवारियों की हड़ताल का समाधान निकालना चाहिए ताकि धान खरीदी पर इसका कोई विपरीत प्रभाव न पड़े। #ChhattisgarhNews #CGCongress #DeepakBaij #PatwariHadtal #PaddyProcurement #ChhattisgarhGovt #BjpGovt #FarmersProtest #AgriStack #CGNews #BreakingADNNews






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