छत्तीसगढ़ के 200 साल पुराने इतिहास को पर्दे पर जीवंत करेगी फिल्म ‘मालगुजार’...
मितानी, जातिगत भेदभाव, जमीन और सामाजिक रिश्तों के इर्द-गिर्द बुनी जाएगी कहानी |
छत्तीसगढ़ के 200 साल पुराने समाज की कहानी पर्दे पर उतारेगी फिल्म ‘मालगुजार’ |

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-
बिलासपुर :- छत्तीसगढ़ के इतिहास, परंपराओं और लगभग 200 साल पुराने समाज को अब बड़े पर्दे पर उतारने की तैयारी पूरी हो चुकी है। बिलासपुर से आ रही एक खास खबर के मुताबिक, फिल्म ‘मालगुजार’ के ज़रिए दर्शक छत्तीसगढ़ के अतीत के करीब पहुँच सकेंगे।"
"फिल्म के निर्देशक हेमलाल चतुर्वेदी ने बताया है कि इस फिल्म में उस दौर का रहन-सहन, सामाजिक रिश्ते, और ज़मीन से जुड़े मुद्दों के साथ-साथ तत्कालीन सामाजिक और आर्थिक बदलावों को भी प्रमुखता से दिखाया जाएगा | फिल्म में सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक बदलावों के साथ जातिगत भेदभाव और जमीन से जुड़े मुद्दों को भी कहानी का हिस्सा बनाया जाएगा। फिल्म के निर्देशक हेमलाल चतुर्वेदी ने बताया कि ‘मालगुजार’ ऐतिहासिक और सामाजिक पृष्ठभूमि पर आधारित फिल्म है।
इसका उद्देश्य उस दौर के समाज, परंपराओं और लोगों के जीवन को पर्दे पर उतारना है। समय के साथ सामाजिक व्यवस्था और परिवेश में आए बदलावों को समझने के लिए अतीत की परिस्थितियों को सामने लाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि वास्तविक घटनाओं और सामाजिक विषयों पर आधारित कहानियों में उनकी विशेष रुचि रही है। इसी सोच के साथ फिल्म की कहानी तैयार की गई है।
मितानी और आपसी विश्वास की परंपरा भी बनेगी कहानी का हिस्सा फिल्म में छत्तीसगढ़ की पारंपरिक मितानी प्रथा को भी प्रमुखता दी जाएगी। विभिन्न समाजों के बीच मित्रता, आपसी विश्वास, सहयोग और एक-दूसरे के साथ खड़े रहने की भावना को कहानी के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। निर्माताओं के अनुसार, फिल्म केवल पुराने समय का चित्रण नहीं करेगी, बल्कि सामाजिक रिश्तों, परंपराओं और व्यवस्था के विभिन्न पहलुओं को भी सामने लाएगी।
फिल्म से जुड़े लोगों का मानना है कि ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित ऐसी कहानियां नई पीढ़ी को छत्तीसगढ़ के सामाजिक इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। फिल्म को लेकर आयोजित प्रेस वार्ता में निर्माता एवं मुख्य कलाकार सनत कुमार दिव्य, निर्देशक हेमलाल चतुर्वेदी और दीप म्यूजिक के संचालक उमेश दीप सहित फिल्म से जुड़े अन्य लोग उपस्थित रहे।
बताते हुए हर्ष का विषय यह है कि इस फिल्म में काहे के चिंता है काका जिंदा है एवं विधायक की भूमिका अदा करने वाले फिल्म दंगल द वीरनपुर के हीरो पवन गांधी की इस फिल्म में अपनी भूमिका अदा करेंगे बताया जाता है कि यह दो फिल्म ऐसी थी की विवाद से फसी हुई फिल्म है जोकि थिएटर में चला लेकिन भरपूर नहीं चल पाया इसलिए फिल्म के निर्माता निर्देशक हीरो एवं पूरे कलाकार को मायूसी का सामना करना नहीं पड़ा क्योंकि आज भी बुलंद आवाज के साथ में चलते हैं और लोग उन्हें काहे के चिंता काका जिंदा है एवं विधायक ईश्वर साहू के रूप में महत्वपूर्ण सम्मान करते हैं अन्य अभिनेता को रिस्पांस नहीं मिलता।
शालिनी न्यूज़ एजेंसी
संवाददाता राकेश साहू जांजगीर चांपा छत्तीसगढ़। #Bilaspur #Chhattisgarh #FilmMalguzar #ChhattisgarhiCinema #HemlalChaturvedi #PawanGandhi #SanatKumarDivya #ChhattisgarhCulture #HistoricalFilm #SocialFilm #MitaniTradition ##breakingADNnews






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