अपने चहेते सप्लायरों को फायदा पहुंचाने की कोशिश में बच्चों की पढ़ाई से खिलवाड़ कर रही साय सरकार- कांग्रेस....

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की क़लम से:- रायपुर: प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने कहा है कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों के बच्चों को निःशुल्क चश्मा मिलने की योजना में बदलाव और भाजपा सरकार की गलत नीतियों के कारण बच्चों को चश्मा मिलने की प्रक्रिया बाधित हो रही है। टेंडर की शर्तों में बदलाव कर केवल जेम पोर्टल पर क्वाड्रेंट-2 (Quadrant-2) में रजिस्टर्ड कंपनियों को ही हिस्सा लेने की अनुमति दी गई है, जिससे छत्तीसगढ़ के स्थानीय चश्मा सप्लायर इस टेंडर प्रक्रिया से बाहर हो गए हैं। परिणामस्वरूप, राज्य के करीब 5 लाख बच्चों का चश्मा वितरण अटक गया है!
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने आगे कहा कि टेंडर के नियमों में बदलाव करने के कारण देशभर की अनेक कंपनियों के बजाय केवल चार चश्मा निर्माता कंपनियां ही इस प्रक्रिया में भाग लेने के योग्य रह गई हैं। इससे प्रतिस्पर्धा बेहद सीमित हो गई है और बच्चों को समय पर चश्मा मिलने में देरी हो रही है।
पहले जहां क्वाड्रेंट-3 में रजिस्टर्ड कंपनियां भी टेंडर में शामिल हो सकती थीं, वहीं इस साल नियमों में बदलाव किया गया है। सरकार चुनिंदा कंपनियों को फायदा पहुँचाने के लिए स्थानीय सप्लायरों को टेंडर प्रक्रिया से बाहर कर रही है, जिसके कारण अधिक सप्लायर न होने की वजह से बच्चों को समय पर चश्मा नहीं मिल पा रहा है। स्कूली बच्चों की आंखों की जांच और उन्हें समय पर चश्मा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए, लेकिन बच्चों के स्वास्थ्य और भविष्य की चिंता न करके अपने लोगों को मुनाफा पहुँचाने के लिए यह सरकार पूरी प्रक्रिया में अनावश्यक देरी कर रही है।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने यह भी कहा कि पहले स्थानीय चश्मा आपूर्ति व्यवस्था के माध्यम से बच्चों को आसानी से चश्मे उपलब्ध कराए जाते थे। वहीं, इस वर्ष सरकार की गलत मंशा के कारण आधा शिक्षा सत्र गुजरने के बाद भी बच्चों को चश्मा नहीं मिल पाया है। इससे जिन बच्चों को आँखों की रोशनी से जुड़ी समस्या है, उन्हें किताबों के अक्षर देखने और पढ़ाई में ध्यान लगाने में परेशानी हो रही है, जिससे उनका शैक्षणिक प्रदर्शन भी प्रभावित हो रहा है। ऐसे संवेदनशील विषय पर सरकार को अपने चहेतों को मुनाफा पहुँचाने के बजाय टेंडर में ऐसी शर्तें रखनी चाहिए जिनसे स्थानीय व्यापारियों को भी मौका मिले और बच्चों की पढ़ाई केवल इसलिए प्रभावित न हो कि उन्हें समय पर चश्मा उपलब्ध नहीं हो सका। #ChhattisgarhNews #CGCongress #SatyaprakashSingh #GovtSchools #SchoolStudents #ChhattisgarhGovt #BjpGovt #PoliticalNews #Chhattisgarh #BreakingADNNews






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