राजधानी में 'पार्टी माफिया' का राज: क्लबों में टैक्स चोरी और जिस्मफरोशी का खुला खेल...

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-
रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर और नवा रायपुर के नामचीन होटलों, क्लबों और बार में इन दिनों नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। रसूखदार नेताओं और भ्रष्ट आबकारी अधिकारियों के संरक्षण में 'पार्टी माफियाओं' की जमकर तूती बोल रही है। आबकारी विभाग से मिले शराब लाइसेंस की आड़ में क्लब संचालक देर रात तक अश्लील पार्टियों का आयोजन कर रहे हैं और पुलिस महज़ मूकदर्शक बनी हुई है।
लाइसेंस की आड़ में टैक्स की चोरी और जिस्मफरोशी का खेल -
होटल और बार संचालक आबकारी लाइसेंस को अपनी मनमानी का खुला परमिट मान चुके हैं। नियमानुसार, बार या क्लब के संचालन के लिए स्थानीय थाने, पार्षद और नगर निगम से एनओसी (NOC) अनिवार्य है, लेकिन रसूख के आगे सारे नियम बौने साबित हो रहे हैं। वीकेंड (शुक्रवार से रविवार) पर इन क्लबों में भीड़ जुटाने के लिए युवतियों की एंट्री फ्री रखी जाती है, जबकि युवकों से 30 हज़ार से 1 लाख रुपये तक की भारी-भरकम एंट्री फीस वसूली जाती है। इस फीस पर लगने वाले जीएसटी (GST) और मनोरंजन कर की सीधे तौर पर चोरी की जा रही है, जिससे शासन को करोड़ों के राजस्व का चूना लग रहा है। सूत्रों के मुताबिक, इन वीआईपी पार्टियों के लिए देशभर से कॉलगर्ल्स भी बुलाई जाती हैं, जिनके ठहरने की व्यवस्था इन्हीं होटलों में होती है।
नग्नता की हदें पार, सोशल मीडिया पर खुला निमंत्रण -
राजधानी में न्यूड और अश्लील पार्टियों का चलन तेज़ी से बढ़ा है। गौरतलब है कि सितंबर 2025 में इंस्टाग्राम के ज़रिए वीआईपी रोड (भाटागांव) के एक फार्म हाउस में 'न्यूड पार्टी' आयोजित करने का सनसनीखेज मामला सामने आया था। तब सामाजिक संगठनों के कड़े विरोध के बाद हरकत में आई पुलिस ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर पार्टी रुकवाई थी। इसके बावजूद आज भी वीआईपी रोड, माना, रायपुरा, टाटीबंध, तेलीबांधा, पचपेड़ी नाका और मंदिर हसौद के ढाबों व होटलों में अवैध शराब और अश्लील आयोजनों का खेल बदस्तूर जारी है।
कार्रवाई के नाम पर पुलिस की 'खानापूर्ति' और खातिरदारी -
इन अवैध गतिविधियों पर पुलिस की कार्यप्रणाली भी गंभीर सवालों के घेरे में है। स्थानीय लोगों की लगातार शिकायतों के बाद भी पुलिस सिर्फ रस्मअदायगी के लिए दबिश देती है। आरोप है कि क्लब संचालक पुलिसकर्मियों की शराब और शबाब से 'खातिरदारी' कर उन्हें वापस भेज देते हैं। हालत यह है कि वीआईपी रोड के कई बार के बाहर गार्ड ही रात 1 बजे के बाद ग्राहकों को कारों में शराब परोसते नज़र आते हैं।
ईडीओ (EDO) क्लब में मारपीट ने खोली सिस्टम की पोल -
हाल ही में तेलीबांधा थाना क्षेत्र स्थित 'EDO क्लब' में वीकेंड पार्टी के दौरान जमकर हंगामा और मारपीट हुई। इस मामले में पुलिस ने 4 युवकों को हिरासत में लिया है। जानकारी के अनुसार, आयोजक लक्की बजाज ने 26 सितंबर को शाम 7 से रात 11 बजे तक पार्टी के लिए थाने में महज़ एक साधारण आवेदन दिया था।
इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं : -
क्या महज़ थाने में एक सूचना दे देना ही देर रात तक शराब और हुड़दंग की कानूनी अनुमति है ?
सैकड़ों लोगों की भीड़ वाले इस आयोजन के लिए क्या सुरक्षा मानकों, आबकारी नियमों और टैक्स (GST) का पालन किया गया ?
अगर पार्टी में मारपीट का यह विवाद सामने नहीं आता, तो क्या पुलिस इस अवैध आयोजन से रातभर बेखबर ही रहती ?
प्रशासन, पुलिस और आबकारी विभाग की इस गहरी नींद और मिलीभगत के कारण राजधानी रायपुर धीरे-धीरे अवैध और अश्लील पार्टियों का गढ़ बनती जा रही है।






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