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कांग्रेस और युवा कांग्रेस का सांगठनिक ढाँचा पूरी तरह ध्वस्त - भाजयुमो.....

Jul 12
2 min read
  • प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकरिहा ने कहा - कांग्रेस में वर्चस्व की जंग से मचा घमासान और बड़े नेताओं के बीच की रार सार्वजनिक रूप से बेनकाब

  • 'कल तक जो देवेन्द्र यादव पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की भक्ति में लीन रहते थे, वही आज उनके सामने ताल ठोककर खड़े हैं!'

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की क़लम से -

​रायपुर भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकरिहा ने प्रदेश में युवा कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव पर तीखा कटाक्ष करते हुए कहा है कि इस तथाकथित चुनाव ने कांग्रेस के आंतरिक लोकतंत्र और संगठनात्मक ढाँचे की बची-खुची साख को पूरी तरह तार-तार कर दिया है। टिकरिहा ने कहा कि कांग्रेस में वर्चस्व की इस जंग ने पार्टी के भीतर मचे घमासान और बड़े नेताओं के बीच की रार को सार्वजनिक रूप से बेनकाब कर दिया है।


भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष टिकरिहा ने कहा कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस में गुटबाजी और अंतर्विरोध इस कदर हावी हो चुका है कि कल तक जो नेता पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की भक्ति में लीन रहते थे, वे ही आज उनके सामने ताल ठोककर खड़े हैं। भिलाई के कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव द्वारा बघेल समर्थित प्रत्याशी के विरोध में अपना उम्मीदवार उतारना यह साबित करता है कि कांग्रेस के भीतर अंदरूनी सत्ता-संघर्ष और आधिपत्य की लड़ाई अब सड़क पर आ चुकी है। टिकरिहा ने कहा कि कांग्रेस और युवक कांग्रेस में अनुशासनहीनता चरम पर है और पूरा संगठनात्मक ढाँचा ताश के पत्तों की तरह ढह रहा है। ​


युवा कांग्रेस के चुनावी ड्रामे पर कड़ा प्रहार करते हुए टिकरिहा ने कहा कि युवा कांग्रेस का यह चुनाव केवल और केवल पूंजीपतियों की कठपुतली बनकर रह गया है। यह चुनाव धनबल और रसूखदारों के लिए है, जिसमें किसी सामान्य और गरीब कार्यकर्ता के सामर्थ्य तथा पहुँच के लिए कोई जगह नहीं बची है। छत्तीसगढ़ की जनता युवा कांग्रेस की इस दयनीय राजनीतिक दशा को देख रही है। जिस संगठन के भीतर अनुशासन नाम की कोई चीज न बची हो और जो केवल बड़े नेताओं की आपसी खींचतान का अखाड़ा बन चुका हो, वह प्रदेश के युवाओं का नेतृत्व करने के सर्वथा अयोग्य है। कांग्रेस का यह सांगठनिक बिखराव स्पष्ट संकेत है कि पार्टी पूरी तरह से दिशाहीन हो चुकी है।

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