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चार दिवसीय छठ महापर्व कल नहाय खाय के साथ प्रारंभ होगी....

Nov 4, 2024
3 min read

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की क़लम से:-

  • छठ महापर्व स्वच्छता का सबसे बड़ा प्रतीक है

  • छठि मैय्या विश्व की सबसे बड़ी स्वच्छता की ब्रांड एम्बेसडर है।

रायपुर, नवंबर 4: चार दिवसीय छठ महापर्व नवंबर कल मंगलवार नवम्बर 5 को नहाय खाय के साथ प्रारंभ होगी। छठ महापर्व आयोजन समिति महादेवघाट, रायपुर के आयोजन समिति के अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने बताया कि चार दिवसीय छठ महापर्व नवंबर कल मंगलवार नवम्बर 5 को नहाय खाय के साथ प्रारंभ होगी।

उन्होंने बताया कि छठ पूजा छत्तीसगढ़ में रायपुर, बिलासपुर, भिलाई-दुर्ग, कोरबा, बस्तर एवं अन्य शहरों में बड़े धूम-धाम से मनाया जाता है। रायपुर में छठ पूजा 50 से अधिक स्थानों जैसे खारुन नदी के महादेव घाट, व्यास तालाब और अन्य तालाबों के किनारे इस वर्ष भी छठ पूजा धूम-धाम से मनाया जायेगा ।

उन्होंने बताया है कि इस वर्ष नवंबर 5 से नवंबर 8 तक पूरे भारत सहित पूरे विश्व में छठ महापर्व हर्षोल्लास एवं परम्परा के साथ मनाया जायेगा। छठ महापर्व उत्तर भारतीय समाज का एक महत्वपूर्ण पर्व है जो इस वर्ष नवंबर 5 से प्रारम्भ होगी और नवंबर 8 को समाप्त होगी। एक सांस्कृतिक कार्यक्रम 7 नवंबर को संध्या में महादेव घाट पर आयोजित किया जायेगा।

अंतर्राष्ट्रीय लोक गायिका कल्पना पटवारी (मुंबई), अंतर्राष्ट्रीय लोक गायिका गायत्री यादव (लखनऊ), लोक गायिका परिणीता राव पटनायक, प्रसिद्ध छत्तीसगढ़ी लोक गायक दुकालू यादव एवं अन्य स्थानीय कलाकारों के द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुति 7 नवंबर को संध्या में महादेव घाट पर की जाएगी। महादेव घाट पर 7 नवंबर को संध्या में महाआरती का आयोजन किया जायेगा। नवा रायपुर अटल नगर में झांझ तालाब के किनारे भी भव्यता के साथ छठ पूजा का आयोजन किया जायेगा।

छठ महापर्व स्वच्छता का सबसे बड़ा प्रतीक है। वर्तमान में भारत सरकार के द्वारा स्वच्छता का कार्यक्रम चलाया जा रहा है जबकि छठ महापर्व प्राचीन काल से ही स्वच्छता का संदेश देती आ रही है। इस पर्व पर लोगों द्वारा शुद्ध प्रसाद बनाया जाता है जिसे सूर्य भगवान को भोग लगाया जाता है। लोगों के द्वारा समूहों में सड़क एवं घाटों की सफाई की जाती है। हमारी मान्यताओं के अनुसार छठि मैय्या विश्व की सबसे बड़ी स्वच्छता की ब्रांड एम्बेसडर है।

इस वर्ष नहाय-खाय 5 नवंबर को मनाया जायेगा। लोहंडा एवं खरना 6 नवंबर को होगा, संध्या अर्ध्य 7 नवंबर को होगा और उषा अर्ध्य 8 नवंबर को होगा। छठ पर्व ही दुनिया का मात्र एक पर्व है जिसमें डूबते सूर्य एवं उगते की पूजा की जाती है। छठ पर्व को षष्ठी पूजा एवं सूर्य षष्ठी व्रत के नाम से भी जाना जाता है। यह पर्व कार्तिक शुक्ल पक्ष के षष्ठी को मनाया जाने वाला एक हिन्दू पर्व है। सूर्योपासना का यह अनुपम लोकपर्व मुख्य रूप से पूर्वी भारत के बिहार, झारखण्ड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और नेपाल के तराई क्षेत्रों में मनाया जाता है। छठ पूजा सूर्य और उनकी बहन छठी मइया को समर्पित है। त्यौहार और व्रत के अनुष्ठान कठोर हैं और चार दिनों की अवधि में मनाए जाते हैं। इनमें पवित्र स्नान, उपवास और पीने के पानी से दूर रहना, लंबे समय तक पानी में खड़ा होना और प्रसाद, प्रार्थना और सूर्य देवता को अर्घ्य देना शामिल है। बिहार एवं पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोग जिस देश एवं राज्यों में जाकर बसे वहां भी अपनी संस्कृति को आज भी बचाये हुऐ हैं। छठ महापर्व नेपाल, फिजी, मॉरिशस, सूरीनाम, गुयाना एवं अन्य देशों में भी मनाया जाता है।

आज सुबह सोमवार को छठ महापर्व आयोजन समिति के सदस्यों ने भी महादेव घाट रायपुर में पहुंचकर श्रम दान किया। रायपुर नगर निगम के द्वारा भी महादेव घाट की सफाई की जा रही। महादेव घाट को पूरी तरह से सजाया जा रहा है।

आयोजन प्रमुख राजेश सिंह, संरक्षक मंडल के सलाहकार रामकुमार सिंह राजावत, परमानंद सिंह, रविंद्र सिंह, मुक्तिनाथ पाण्डेय, सत्येंद्र सिंह गौतम, शशि सिंह, अजित सिंह, आयोजन उप प्रमुख कन्हैया सिंह, संतोष सिंह, कोषाध्यक्ष सुनील कुमार सिंह, सचिव प्रचार प्रसार महादेव घाट बृजेश कुमार सिंह एवं राकेश सिंह, विधि व्यस्था प्रमुख अजय शर्मा, घाट व्यस्था प्रमुख वेद नारायण एवं रविंद्र शर्मा, अनिल कुमार सिंह, मुकुल श्रीवास्तव, पंकज चौधरी, जयप्रकाश सिंह, रणजीत मिश्रा, संजीव सिंह, जयंत सिंह, सरोज सिंह, संतोष सिंह एवं अन्य सदस्य ने आज महादेव घाट पर अपना श्रम दान किया।

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