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वन विभाग ने पकड़े तीन युवकों से चार मॉनिटर छिपकलियाँ बरामद......

Jul 18
2 min read

ब्रेकिंग ADN न्यूज़

सोलन शुक्रवार शाम को वन विभाग ने पोंटा साहिब सब-डिविजन के राजबन बीट इलाके में चार मॉनिटर छिपकलियां (गो) ले जा रहे तीन युवकों को गिरफ्तार किया। आरोपी स्थानीय निवासी हैं और उन्हें शाम करीब 5 बजे मोटरसाइकिल पर जाते समय रोका गया। तलाशी के दौरान, वन अधिकारियों को उनके पास मौजूद सफेद प्लास्टिक की बोरी से चार मॉनिटर छिपकलियां मिलीं। सहायक वन संरक्षक (पोंटा साहिब) आदित्य शर्मा ने बताया कि आरोपियों के पास एक कुत्ता (गुल टेरियर) और एक भाला भी था। गुल टेरियर का इस्तेमाल मुख्य रूप से शिकार और रखवाली के लिए किया जाता है। मॉनिटर छिपकलियों पर कुत्ते के काटने के निशान थे, जिससे पता चलता है कि उन्हें गुल टेरियर ने काटा था।

गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान गोल्डी, गुर्जर और अंजा के तौर पर हुई है। मॉनिटर छिपकलियां वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची I के तहत आती हैं, जो उन्हें पूरी सुरक्षा देती है और इनके शिकार पर सख्त रोक और कड़े कानूनी दंड का प्रावधान करती है। इस बरामदगी से न केवल वन विभाग की सतर्कता का पता चलता है, बल्कि पोंटा साहिब इलाके में गलत लोगों द्वारा संरक्षित वन्यजीव प्रजातियों के अवैध व्यापार का भी खुलासा हुआ है।


वन अधिकारी इस मामले की आगे-पीछे की कड़ियों की जांच कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या आरोपी किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा थे। वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की धारा 50 के तहत मामला दर्ज किया गया है और आगे की जांच चल रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में मॉनिटर छिपकलियों की काफी मांग है; इनका इस्तेमाल चमड़े के उत्पाद बनाने, स्थानीय पारंपरिक दवाओं और खाने (बुशमीट) के लिए किया जाता है। इनकी मोटी खाल का इस्तेमाल फैशन एक्सेसरीज में होता है, जबकि इनकी चर्बी और शरीर के अंगों की मांग अंधविश्वास से जुड़ी प्रथाओं और कामोत्तेजक दवाओं में इस्तेमाल के लिए भी होती है।

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