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मंजूर 240 ई‑बसें कागजों तक सीमित; छत्तीसगढ़ के चार शहरों में अभी भी संचालन शून्य....

Jul 14
2 min read

ब्रेकिंग ADN न्यूज़..

रायपुर- प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत छत्तीसगढ़ के रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई और कोरबा के लिए 240 इलेक्ट्रिक बसों को मंजूरी मिले एक साल से ज्यादा समय बीत चुका है। इसके बाद भी चारों शहरों में एक भी ई-बस सड़कों पर नहीं उतरी है। दूसरी ओर पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के कई शहरों में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू हो चुका है। ऐसे में छत्तीसगढ़ के शहरों में सार्वजनिक परिवहन को लेकर इंतजार लगातार बढ़ता जा रहा है।सबसे ज्यादा असर रायपुर और बिलासपुर में दिखाई दे रहा है। दोनों शहरों में लंबे समय से सिटी बस व्यवस्था कमजोर बनी हुई है। कई पुराने रूट बंद हैं, जबकि जो बसें चल रही हैं उनमें भी यात्रियों को पर्याप्त सुविधा नहीं मिल पा रही है। ऐसे में ई-बस सेवा शुरू होने से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद थी, लेकिन अब तक यह योजना कागजों से आगे नहीं बढ़ सकी।

चारों शहरों के लिए कुल 240 बसें मंजूर की गई हैं। इनमें रायपुर को 100, दुर्ग-भिलाई और बिलासपुर को 50-50 तथा कोरबा को 40 इलेक्ट्रिक बसें मिलनी हैं। बसों के संचालन के लिए केंद्र और राज्य स्तर पर कई औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी की जानी थीं, लेकिन अलग-अलग स्तर पर देरी होने से योजना आगे नहीं बढ़ पाई।

जानकारी के अनुसार बस आवंटन के बाद ऑपरेटरों के साथ कंसेशन एग्रीमेंट और दूसरी जरूरी प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं हो सकी। इसके साथ ही चार्जिंग स्टेशन, डिपो और बिजली से जुड़ी तैयारियां भी सभी शहरों में पूरी नहीं हुईं। इन कामों की जिम्मेदारी राज्य सरकार के हिस्से में है, इसलिए बसों के संचालन की तारीख लगातार आगे बढ़ती रही।

राज्य सरकार ने पेमेंट सिक्योरिटी मैकेनिज्म और डायरेक्ट डेबिट मैडेट को जून 2026 में मंजूरी दी। इसके बाद फाइलों की प्रक्रिया आगे बढ़ी, लेकिन तब तक काफी समय निकल चुका था। अब संबंधित विभाग बाकी काम पूरे करने में जुटे हैं।

केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू का कहना है कि बसों की स्वीकृति पहले ही मिल चुकी है। राज्य सरकार को तीन महीने के भीतर चार्जिंग स्टेशन और दूसरे जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर का काम पूरा करने के लिए कहा गया है। उनका कहना है कि यदि तय प्रक्रिया पूरी होती है तो दिसंबर तक ई-बसें उपलब्ध कराई जाएंगी।

ई-बस सेवा के नोडल अधिकारी अनुपम तिवारी ने बताया कि राज्य सरकार ने केंद्र को जरूरी गारंटी दे दी है। बिलासपुर के कोनी डिपो में 14 चार्जिंग पॉइंट तैयार हो चुके हैं। केंद्र से बसें मिलते ही संचालन शुरू करने की तैयारी रहेगी।

हालांकि चारों शहरों के यात्रियों के लिए फिलहाल इंतजार खत्म नहीं हुआ है। जब तक बसों की आपूर्ति और बाकी तैयारियां पूरी नहीं होतीं, तब तक लोगों को पुरानी सिटी बसों और निजी वाहनों पर ही निर्भर रहना पड़ेगा। ऐसे में योजना की मंजूरी के बाद भी उसका लाभ लोगों तक पहुंचने में लगातार देरी हो रही है।


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